New Scrap Policy: नई स्क्रैपेज पॉलिसी में जानें आपके फायदे की जरूरी बातें

नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बीते दिन संसद में Scrappage Policy या कहें वाहन परिमार्जन नीति का ऐलान किया था। इस पॉलिसी के अनुसार निजी वाहन को 20 साल के बाद और वाणिज्य वाहन को 15 साल के बाद फिटनेस टेस्ट कराना जरूरी होगा।
 
New Scrap Policy: नई स्क्रैपेज पॉलिसी में जानें आपके फायदे की जरूरी बातें

New Delhi: New Scrap Policy: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बीते दिन संसद में Scrappage Policy या कहें वाहन परिमार्जन नीति का ऐलान किया था। इस पॉलिसी के अनुसार निजी वाहन को 20 साल के बाद और वाणिज्य वाहन को 15 साल के बाद फिटनेस टेस्ट कराना जरूरी होगा। 

इसके अलावा गडकरी (Nitin Gadkari) ने यह भी बताया कि सभी ऑटोमेकर्स को सरकार द्वारा यह एडवाइज़री जारी की गई है कि, नए वाहन बेचते समय स्क्रैप पॉलिसी (New Scrap Policy) के सर्टिफिकेट दिखाने वाले वाहन मालिकों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाए। 

उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी (New Scrap Policy) से ना सिर्फ प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि ऑटो सेक्टर को भी बल भी मिलेगा। क्योंकि जो भी वाहन स्क्रैप किए जाएंगे उन से निकलने वाले पार्ट्स को रीसाइकिल किया जाएगा जिससे कॉम्पोनेंट्स की कीमत में भी कमी आएगी। आइये इस लेख के जरिये आपको सरल भाषा में इस पॉलिसी के बारे में समझाते हैं।

सरकार ने स्क्रैप पॉलिसी की नीति में यह प्रस्तावित किया है कि 15 साल से पुराने किसी भी कार्मिशियल वाहन को यदि फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होता है, तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। यानी वो फिर सड़क पर चलने लायक नहीं रहेगा। इसके अलावा वाणिज्यिक वाहनों के लिए शुरुआती रजिस्ट्रेशन की तारीख से 15 साल बाद फिटनेस प्रमाणपत्र और फिटनेस टेस्ट के लिए बढ़ी हुई फीस लागू हो सकती है।

इस पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को स्क्रैपिंग सेंटर पर जाकर अपनी गाड़ी की स्क्रैप वैल्यू पता करनी होगी। नई स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत अगर कोई पुरानी गाड़ी स्क्रैप में देकर नई गाड़ी लेता है तो उसे 5 फीसदी छूट मिलेगी। नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ करने की बात कही गई है। नई स्क्रैप पॉलिसी में विंटेज कारों को शामिल नहीं किया जाएगा। पुरानी गाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस और रिन्यूअल फीस में इजाफा किया जाएगा। एक साल में टोल बूथ हटेंगे, GPS के जरिए टैक्स वसूला जाएगा।

इस नई नीति के अंर्तगत ग्राहकों को पुराने वाहनों को स्क्रैप में देने पर उन्हें नए वाहन के एक्स शोरूम कीमत का लगभग 4% से 6% पैसा बतौर प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारों को सलाह दी जा सकती है कि वे निजी वाहनों के लिए 25% तक और व्यावसायिक वाहनों के लिए 15% तक की रोड टैक्स में छूट की पेशकश करें।

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