गजब है मर्सेडीज की शानदार ‘अवतार’ कार, तस्वीरें देख आप भी हो जाएंगे दीवाने

Mercedes-Benz Vision AVTR
New Delhi: दुनिया के बड़े इवेंट में से एक ‘CES’ (कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो) में दिग्गज कंपनियां लोगों को भविष्य की तकनीक से रूबरू कराती हैं। लास वेगस में चल रहे सीईएस 2020 में लग्जरी कार निर्माता मर्सेडीज-बेंज ने एक ऐसी ही शानदार कॉन्सेप्ट कार (Mercedes-Benz Vision AVTR) पेश की है, जो दिखती है कि फ्यूचर में कारों में किस तरह की टेक्नॉलजी का इस्तेमाल हो सकता है।

Mercedes-Benz Vision AVTR नाम से पेश की गई इस बेहतरीन कॉन्सेप्ट कार की तस्वीरों से शायद की आपकी नजर हटे। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।

फिल्म ‘अवतार’ से प्रेरित है कार

मर्सेडीज-बेंज की यह शानदार कार साल 2009 में आई फिल्म ‘अवतार’ से प्रेरित है। इसकी डिजाइन अवतार फिल्म के डायरेक्टर जेम्स कैमरून की मदद से तैयार की गई है।

शानदार स्टाइल और भविष्य की तकनीक

मर्सेडीज की इस कॉन्सेप्ट कार में वो सबकुछ है, जिसके लिए कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो जाना जाता है। इनमें शानदार स्टाइल, भविष्य की तकनीक और लेटेस्ट एंटरटेनमेंट फीचर समेत अन्य खूबियां शामिल हैं।

कार का रियर है खास

मर्सेडीज अवतार कॉन्सेप्ट कार के पिछले हिस्से को ‘बायोनिक फ्लैप्स’ से कवर किया गया है। कंपनी का कहना है कि इसका इस्तेमाल कार के बाहर के लोगों के साथ कम्युनिकेट करने के लिए किया जा सकता है।

खास तरह के वील्ज

इस कॉन्सेप्ट कार में खास तरह के वील्ज दिए गए हैं। मर्सेडीज का कहना है कि इसके वील्ज अवतार फिल्म में दिखाए गए ‘सीड्स ऑफ द ट्री ऑफ सोल्स’ से प्रेरित हैं।

ऑटोनॉमस कार

इस कार में स्टीयरिंग वील नहीं है, क्योंकि मर्सेडीज की यह फ्यूचर कार ऑटोनॉमस है। कार में एक कंट्रोलर दिया गया है। पैसेंजर इस कंट्रोलर के माध्यम से कार से बात कर सकते हैं।

कार के अंदर अवतार फिल्म जैसी दुनिया

मर्सेंडीज-बेंज अवतार कॉन्सेप्ट कार जब चलनी शुरू होगी, तो कार के अंदर दी गई बड़ी स्क्रीन पर 3डी ग्राफिक्स दिखने लगेंगे, जो पैसेंजर्स को अवतार फिल्म की काल्पनिक दुनिया जैसा फील देंगे।

इंटीरियर में खास मटीरियल का यूज

मर्सेडीज-बेंज ने इस कार के इंटीरियर में रिसाइकल्ड प्लास्टिक और वेगन लेदर का इस्तेमाल किया है।

ऑर्गेनिक बैटरी सेल्स से चलेगी कार

अवतार कॉन्सेप्ट कार ग्राफिने-बेस्ड ऑर्गेनिक बैटरी सेल्स से चलेगी। इन सेल्स को बनाने में दुर्लभ खनिजों की जरूरत नहीं होती है। कंपनी का कहना है कि ये सेल्स बाद में खाद बन सकते हैं।