What is Distance Education | डिस्टेंस एजुकेशन क्या है, जानिए इसके फायदे और नुकसान

डिस्टेंस एजुकेशन (Distance Education) या दूरस्थ शिक्षा का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें शिक्षा हासिल करने के लिए आपको किसी स्कूल या कॉलेज में जाने की जरूरत नहीं है।
 
What is Distance Education | डिस्टेंस एजुकेशन क्या है, जानिए इसके फायदे और नुकसान
डिस्टेंस एजुकेशन (Distance Education) या दूरस्थ शिक्षा का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें शिक्षा हासिल करने के लिए आपको किसी स्कूल या कॉलेज में जाने की जरूरत नहीं है। खासतौर पर यह उन लोगों के लिए मुफीद है, जो नौकरीपेशा हैं और नौकरी के साथ-साथ शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।

Distance Education पहले पत्राचार के माध्यम से की जाती थी, जिसमें डाक के जरिए कॉलेज और छात्रों के बीच कम्युनिकेशन होता था। आज के डिजिटल दौर में पत्राचार ही ऑनलाइन होकर डिस्टेंस एजुकेशन बन गया है। ऑनलाइन एजुकेशन के कई फायदे हैं, मसलन आप कहीं से भी बैठकर अपनी क्लास ले सकते हैं। ई-बुक और वीडियो लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है।

Distance Education के फायदे 

डिस्टेंस एजुकेशन के कई फायदे हैं। यही वजह है कि लोगों के बीच शिक्षा की यह पद्यति काफी प्रचलित हो रही है। आइये जानते हैं इसके कुछ फायदे....

1. कहीं से भी पढ़ने की छूट 

डिस्टेंस एजुकेशन का सबसे बड़ा फायदा ये है कि विद्यार्थी कहीं से भी कभी भी पढ़ाई कर सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप देश के किस कोने में रहते हैं। बस आपके पास एक लैपटॉप या स्मार्टफोन और इंटरनेट होना चाहिए। आप कोई भी कोर्स ज्वाइन करके पढ़ाई शुरू कर सकते हैं। यहाँ तक की किसी अंतराष्ट्रीय स्कूल द्वारा ऑफर किये गए पाठ्यक्रम को भी इच्छुक विद्यार्थी अन्य देश में रहकर भी आसानी से ज्वाइन कर सकता है। 

2. टाइम फ्लेक्सिबिलिटी

आम तौर पर  Distance Education विद्यार्थियों को समय में लचीलापन प्रदान करती है। इसमें विद्यार्थी पाठ्यक्रम का समय अपनी सुविधानुसार चुन सकता है। यदि पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थी के पास दिन में समय नहीं है, तो वह रात में पढाई कर सकता है। इसीलिए यह नौकरीपेशा लोगों की पसंद है। 

3. कहीं जाने की जरूरत नहीं

आजकल शिक्षा हासिल करने के लिए हर किसी को ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत पड़ती है। फिर चाहे वह खुद की गाड़ी हो या लोकल बस, रिक्शा आदि। मेट्रो शहरों में तो और भी बुरा हाल है। Distance Education में आपको ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत नहीं है। आप चाहे अपने घर में हों या फिर फैमिली ट्रिप पर। बस लैपटॉप और इंटरनेट साथ है तो कहीं से भी आप अपनी क्लास ले सकते हैं। इसकी वजह से ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाला पैसा और समय दोनों बचता है।

4. चयन करने के लिए बहुत सारे संस्थान

डिस्टेंस एजुकेशन में विद्यार्थी के पास अपनी मर्जी से चयन करने के लिए कई स्कूल और कॉलेज होते हैं। यहां स्टूडेंट अपनी पसंद के कॉलेज या स्कूल का चयन कर वहां से शिक्षा हासिलक कर सकते हैं। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जो भारत की टॉप यूनिवर्सिटियों में गिनी जाती है। यहां से हर साल हजारों विद्याथी शिक्षा हासिल करते हैं। इग्नू के अलावा कई अन्य यूनिवर्सिटीज हैं, जहां से आप शिक्षा हासिल कर सकते हैं।

5. फीस भी कम

 Distance Education का एक और फायदा ये है कि आपको यहां नॉर्मल कॉलेज या स्कूल से फीस कम देनी पड़ेगी। यह तो सभी जानते हैं कि आज के समय में शिक्षा हासिल करना बहुत महंगा हो गया है। किसी प्राइवेट रेगुलर कॉलेज में ज्वाइन करने पर आपको अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। लेकिन डिस्टेंस कॉलेज में आपको कम फीस देनी पड़ती है।

6. पढ़ाई के साथ कमाई भी

मान लीजिए कि आप रोज सुबह 7 से 5 की जॉब करते हैं और आगे पढ़ना भी चाहते हैं। जॉब की वजह से आप रेगुलर कॉलेज तो ज्वाइन कर नहीं पाएंगे। ऐसे में डिस्टेंस एजुकेशन सबसे बेस्ट है। आप घर पहुंचने के बाद अपना लैपटॉप खोलिए और क्लासेस अटेंड कीजिए। यहा आपके टीचर्स वीडियोज के जरिए आपको क्लास देते हैं। सबसे अच्छी बात कि अगर आप ऑनलाइन क्लास मिस भी कर देते हैं, तो कोर्स के सेक्शन में पूरी वीडियो उपलब्ध करा दी जाती है, ताकि आप उसे बाद में भी देख सकें। कुछ पूछना या समझना है तो आप टीचर से कॉन्टेक्ट कर सकते हैं। यही प्रमुख कारण है कि नौकरीपेशा लोग Distance Education को तरजीह देते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि कमाई के साथ-साथ आप अच्छी शिक्षा हासिल कर लेंगे।

7. एजुकेशन की वैल्यू

अच्छी शिक्षा के साथ-साथ बात आती है अच्छी नौकरी की। तो इसके लिए भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। लोग अक्सर सोचते हैं कि  Distance Education की कोई वैल्यू है भी या नहीं, उन्हें नौकरी मिलेगी या नहीं? पहले डिस्टेंस एजुकेशन को कंपनियां सीरियसली नहीं लेती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में बड़ी-बड़ी कंपनियां ऐसे कॉलेजों से शिक्षा हासिल करने वालों को बड़ी-बड़ी जॉब ऑफर कर रही हैं। कह सकते हैं कि बड़े पैमाने पर एमएनसी और कंपनियां अब जॉब ऑफर कर रहीं हैं।

दरअसल, डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल ने सभी कार्यक्रमों को केंद्र सरकार के अधीन पदों और सेवाओं में रोजगार के लिए मान्यता दे दी है। ऐसे में प्राइवेट कंपनियां भी यूजीसी अप्रूव्ड  Distance Education इंस्टीट्यूट से प्राप्त की गई डिग्री को मान्यता देने लगी है। अब तो खुद कई कंपनियां अपने एम्पलाइज को डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

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What is Distance Education | डिस्टेंस एजुकेशन क्या है, जानिए इसके फायदे और नुकसान

डिस्टेंस एजुकेशन के नुकसान 

हर कोई जानता है कि जिस चीज का फायदा होता है उसके कुछ नुकसान भी होते हैं। ठीक उसी तरह डिस्टेंस एजुकेशन के भी कुछ नुकसान है। हालांकि, शिक्षा की यह प्रणाली हर स्टूडेंट को कई तरह की फ्लैक्सीबिलिटी देती है, लेकिन कुछ नुकसान भी हैं, जो इस प्रकार हैं :-

1. विषय से जुड़े संदेह दूर करने में मुश्किल

 Distance Education के लिए आप फिजिकल तौर पर उपस्थित नहीं होते। इस वजह से आपको अपने टॉपिक से जुड़ी शंकाए दूर करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जब आप किसी क्लास को फिजिकली अटेंड करते हैं तो वहां सहपाठी और टीचर दोनों मौजूद होते हैं। ऐसे में अगर आपके मन में कोई सवाल आ रहा है, तो आप उसे तुरंत पूछ सकते हैं और अपनी शंकाए खत्म कर सकते हैं। लेकिन, इस प्रणाली में चूंकि आप घर बैठे पढ़ रहे हैं तो आपके सवालों का जवाब पाना आसान नहीं है। खासतौर पर असाइनमेंट आदि पूरे करने में सबसे ज्यादा चुनौतियां सामने आति हैं।

2. छिपी हुई लागत 

वैसे तो Distance Education रेगुलर शिक्षा की तुलना में काफी हर तक सस्ती है, लेकिन इसमें छिपी हुई लागत भी है। इसके एक उदाहरण के जरिए समझते हैं। आपने हाल ही में कोई कोर्स ज्वाइन किया है और आपके पास कंप्यूटर या फिर स्मार्टफोन नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको नया कंप्यूटर या मोबाइल खरीदना होगा। इसके साथ वेब कैम, प्रिंटर और इंटरनेट पर भी पैसे खर्च करने होंगे। इन सब चीजों पर आने वाली लागत को ही छिपी हुई लागत कहा जा सकता है।

3. जटिल तकनीक 

ज्यादातर डिस्टेंस एजुकेशन प्रदान करने वाले कॉलेज ऑनलाइन पढ़ाई पर ही जोर देते हैं। लेकिन तब क्या हो जब शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को कंप्यूटर की नॉलेज ना हो। ऐसे में यह तकनी और पढ़ाई का जरिए बेहद जटिल बन जाता है। कभी कभार कंप्यूटर खराब होने की वजह से भी पढ़ाई पर असर पड़ता है।

4. प्रैक्टिल लर्निंग का अभाव

 Distance Education के जरिए आपको पाठ्यक्रम से जुड़ी सारी जानकारी वीडियो और किताबों के माध्यम से दी जाती है। लेकिन कई ऐसे कोर्स हैं, जिनमें सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। इसके लिए आपको प्रैक्टिकल नॉलेज की जरूरत होगी। और प्रैक्टिकल नॉलेज तभी मिल पाएगी, जब आप फिजिकली क्लास अटेंड करेंगे। आप कह सकते हैं प्रैक्टिल लर्निंग Distance Education की सीमा से बाहर है। खासतौर पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और फॉर्मेसी जैसे कई कोर्स इस शिक्षा प्रणाली के माध्यम से पूरे नहीं किए जा सकते।

इन कमियों के बाद भी  Distance Education ने छात्रों के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता हासिल कर ली है। लाखों विद्यार्थी अब तक Distance Education के माध्यम से शिक्षा हासिल कर अपना करियर बना चुके हैं। शिक्षा के इस नए स्वरूप के कई फायदें हो तो कुछ कमियां भी हैं। इन्हें भी जल्द से जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

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