आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने अफजल गुरु की फांसी पर उठाए सवाल, बताया बलि का बकरा

Soni Razdan Tweet on Afzal Guru
New Delhi: आतंकियों के साथ कार में पाए गए बर्खास्त डीएसपी देविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद संसद हमले के दोषी अफजल गुरु (Soni Razdan Tweet on Afzal Guru) का मामला फिर से सुर्खियों में है। अफजल गुरु की पत्‍नी तबस्‍सुम ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि देविंदर सिंह ने उसके पति को रिहा करने के बदले एक लाख रुपये मांगे थे।

अब फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने अफजल गुरु की फांसी पर (Soni Razdan Tweet on Afzal Guru) ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अफजल गुरु को बलि का बकरा क्यों बनाया, इसकी ठोस जांच होनी चाहिए। इस ट्वीट पर मचे बवाल के बाद अब राजदान ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी अफजल को निर्दोष नहीं कह रहा है। पर, देविंदर सिंह पर उसके आरोपों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।

Soni Razdan Tweet on Afzal Guru
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दरअसल, देविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद अफजल का मामला फिर से उछला है। अफजल की पत्नी तबस्‍सुम ने दावा किया कि उन्‍होंने अपने सोने के जेवर को बेचकर एक लाख रुपये देव‍िंदर सिंह को दिए थे। यही नहीं यह बात भी निकलकर सामने आई कि अफलज गुरु को ना सिर्फ पुलिसवालों ने प्रताड़ित किया बल्कि उससे पैसे भी लिए।

देविंदर पर यह भी है आरोप

अफजल ने लेटर में यह भी दावा किया कि यह सिंह ही था जिसने उसे कार और सुरक्षित जगह मुहैया कराने के लिए कहा था जहां आतंकी रह सकें। इस मामले में अभी देविंदर सिंह से और पूछताछ जारी है और लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

‘मृत्युदंड को हल्के में इस्तेमाल ना करें’

इस बीच इस मामले को लेकर अब सियासत भी तेज है। उधर, बॉलिवुड से भी अब सवाल उठने लगे हैं। महेश भट्ट की पत्नी और आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने ट्वीट के जरिए अफजल की फांसी पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, ‘यह न्याय का द्रोह है। अगर वह निर्दोष है तो अब कौन है जो उसे वापस ला पाएगा। यही कारण है कि मृत्युदंड को हल्के में इस्तेमाल नहीं किया जाना है। अफजल गुरु को बलि का बकरा क्यों बनाया गया, इसकी भी ठोस जांच होनी चाहिए।’

राजदान के बयान पर मचे घमासान के बाद उन्होंने एक अलग ट्वीट कर अब अपनी सफाई दी है। उन्होंने सफाई में कहा, ‘कोई यह नहीं कह रहा है कि वह (अफजल गुरु) निर्दोष है। लेकिन अगर उसे प्रताड़ित किया गया था और बाद में यातना देने वाला उससे कहे कि वह जो कहता है, उसे वह पूरा करे तो क्या इसकी पूरी तरह से जांच करने की जरूरत नहीं है? देविंदर सिंह के आरोपों को किसी ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया। यह संकटपूर्ण है।’