चर्च में चल रहा था धर्म परिवर्तन का गंदा खेल! सरकार ने हटवाई ईसा मसीह की मूर्ति.. जावेद अख्तर भड़के

Jesus Statue Removed
New Delhi: कर्नाटक में ईसा मसीह का स्टैच्यू (Jesus Statue Removed) गिराए जाने की घटना की गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) मे तीखी आलोचना की है।

शनिवार को उन्होंने (Javed Akhtar) ट्वीट कर कहा कि स्टैच्यू गिराने (Jesus Statue Removed) पर एक भारतीय होने के नाते से उनका सिर शर्म से झुक गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पहला चर्च मुगल सम्राट अकबर के आदेश और आशीर्वाद से बना था।

अख्तर ने ईसा मसीह की मूर्ति गिराए जाने को शर्मनाक बताया। उन्होंने इसे लेकर सिलसिलेवार तरीके से दो ट्वीट किए और लिखा, ‘हालांकि, मैं एक नास्तिक हूं लेकिन कर्नाटक सरकार के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने क्रेन से कर्नाटक में ईसा मसीह की मूर्ति को गिरा दिया, इससे एक भारतीय होने के नाते मेरा सिर शर्म से झुक गया है।’

उन्होंने आगे लिखा कि भारत में पहले चर्च की आधारशिला मुगल सम्राट अकबर के काल में रखी गई थी। अकबर के समय में उन्हीं की अनुमति और आशीर्वाद से आगरा में भारत का पहला चर्च बनाया गया था।

धर्मांतरण का आरोप

आपको बता दें कि गत 5 मार्च यानी गुरुवार को बेंगलुरु के महिमा बेट्टा स्थित ईसा मसीह की प्रतिमा को प्रशासन ने धर्मांतरण का आरोप लगने के बाद गिरा दिया था।

बताया गया कि दोद्दासागरहल्ली गांव में मौजूद चर्च के बारे में सोशल मीडिया पर अफवाह थी कि वहां प्रार्थना के बहाने लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है। हालांकि, कथित तौर पर प्रशासन और लोकल्स की मीटिंग में स्थानीय लोगों ने साफ किया था कि चर्च में कोई धर्मांतरण नहीं होता और इसके यहां होने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है।

चर्च से जुड़े लोगों ने बताया कि इसके बाद भी कुछ बाहरी लोगों और जिला प्रशासन की मीटिंग में चर्च में स्थित ईसा मसीह की प्रतिमा को गिराने का फैसला लिया गया और मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसे गिरा दिया गया। उन्होंने बताया कि चर्च राज्य सरकार द्वारा ईसाई समुदाय को अंतिम संस्कार के लिए दी गई जमीन पर स्थित था।