मशहूर ऐक्ट्रेस के ‘साथी’ ने खोली जाली नोटों की फैक्ट्री, धड़ाधड़ छाप डाले 6 करोड़ रूपये

Fake Currency Racket
New Delhi: दक्षिण की एक नामचीन टीवी ऐक्ट्रेस के सहयोगी ने मुंबई में जाली नोटों (Fake Currency Racket) की फैक्ट्री खोल ली थी। यही नहीं छह करोड़ रुपये छाप दिए और उनमें से दो करोड़ बाजार तक पहुंच गए। अब जाली नोटों का यह जाल बेनकाब हुआ है।

पुलिस के मुताबिक अभिनेत्री के साझीदार लियो जॉर्ज ने नवी मुंबई में जाली नोटों की फैक्ट्री (Fake Currency Racket) खोली थी। वहां 500-500 के जाली नोट बाकायदा छपते रहे। बांद्रा क्राइम ब्रांच ने इनमें से 2 लाख 95 हजार रुपये कीमत के नोट जब्त भी किए हैं।

डीसीपी अकबर पठान ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस ने इस केस में दो लोगों को गिरफ्तार (Fake Currency Racket) किया है। तीसरे आरोपी लियो जॉर्ज को शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच टीम ने केरल में डिटेन कर लिया। क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज ही अभिनेत्री का सहयोगी है।

सीनियर इंस्पेक्टर महेश देसाई, संजीव गावडे और आशा कोरके की टीम की जांच में यह बात सामने आई कि इस फैक्ट्री में पिछले कुछ महीनों में कुल छह करोड़ रुपये कीमत के जाली नोट छपे। इनमें से चार करोड़ रुपये के नोट प्रिंटिंग के दौरान बेकार हो गए। शेष दो करोड़ रुपये कीमत के नोट अभिनेत्री का साझीदार अपने साथ ले गया। अंदेशा है कि इन नोटों को बाजार में निकाल दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इन नोटों का मुंबई के अलावा केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सर्कुलेशन किया गया।

मुंबई में गिरफ्तार आरोपियों में डॉन वर्की केरल के उसी इडुकी शहर का है, जहां लियो जॉर्ज का भी मूल निवास है। दूसरा आरोपी विष्णु विजयन भी केरल का रहने वाला है। उसने इंजिनियरिंग की हुई है। इन दोनों को अंधेरी में वीरा देसाई रोड पर एक ट्रैप के बाद पकड़ा गया और बाद में शुक्रवार को किला कोर्ट में पेश किया गया। वहां इनके वकील अजय उमापति दुबे ने तर्क दिया कि इन दोनों को किसी ने नोट दिए। इन दोनों को पता नहीं था कि यह फेक करंसी है। पर अदालत ने दोनों को 11 मार्च की कस्टडी में भेज दिया।

केरल तक फैला है नेटवर्क

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, साल, 2018 में केरल पुलिस ने जाली नोटों के रैकेट में 30 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें संबंधित टीवी अभिनेत्री और उसकी मां भी शामिल थी। इन पर आरोप था कि इन्होंने जाली नोटों की फैक्ट्री अपने बंगले में खुलवाई थी।

कुछ महीने बाद सभी आरोपी जमानत पर जब बाहर आ गए, तब इन्हीं आरोपियों में से एक लियो जॉर्ज ने अपने शहर में रहने वाले डॉन वर्की से संपर्क किया और उससे केरल के बाहर जाली नोटों की फैक्ट्री खुलवाने में मदद मांगी।

मदद का यहां मतलब था फैक्ट्री को फाइनेंस करना। वर्की को पता था कि उसका जिगरी दोस्त विष्णु विजयन उसे कभी किसी मदद में ना नहीं बोलेगा। विजयन ने दस से बारह लाख रुपये खर्च किए।

इसके बाद आरोपियों ने जाली नोटों के लिए जरूरी वॉटर मार्क वाला जीएसएम पेपर, प्लास्टिक पेपर, सिल्वर व ग्रीन फाइल पेपर रोल, लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य सामग्री खरीदी। फिर नवी मुंबई में उलवे में किराए का घर लिया और यहां जाली नोट छापने लगे। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने माना कि लियो जॉर्ज से पूछताछ में इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि क्या नवी मुंबई के इस केस में भी दक्षिण की इस अभिनेत्री का कोई रोल है?