विवादों में नेटफ्लिक्स की बॉम्बे बेगम्स, बाल अधिकार आयोग ने रोकी 24 घंटों तक स्ट्रीमिंग

ओटीटी प्लैटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रिलीज हुई वेब सीरीज बॉम्बे बेगम्स (Netflix Bombay Begums) विवादों में घिर गई है।
 
विवादों में नेटफ्लिक्स की बॉम्बे बेगम्स, बाल अधिकार आयोग ने रोकी 24 घंटों तक स्ट्रीमिंग

नई दिल्ली। ओटीटी प्लैटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रिलीज हुई वेब सीरीज बॉम्बे बेगम्स (Netflix Bombay Begums) विवादों में घिर गई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आरोप लगाया है कि वेब सीरीज में बच्चों का गलत तरीके से चित्रण किया गया है। एनसीपीसीआर ने एक नोटिस जारी कर इस वेब सीरीज की स्ट्रीमिंग को रोकने की मांग की है।

बता दें कि बच्चों को समानता का अधिकार दिलवाने वाले संगठन एनसीपीसीआर ने नेटफ्लिक्स  (Netflix Bombay Begums) को एक नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स को 24 घंटों के अंदर विस्तृत कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर आयोग कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

एनसीपीसीआर ने नोटिस में आरोप लगाया कि इस सीरीज  (Netflix Bombay Begums) में नाबालिगों का कैजुअल सेक्स और नशीले पदार्थों का सेवन दिखाया गया है। इस प्रकार के तत्व से न केवल युवा लोगों के दिमाग पर बुरा असर पड़ेगा, बल्कि इससे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण भी हो सकता है। अपने नोटिस में आयोग ने कहा कि नेटफ्लिक्स को बच्चों से जुड़े या बच्चों के लिए कोई भी कंटेन्ट प्रदर्शित करते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। 

आयोग ने नेटफ्लिक्स  (Netflix Bombay Begums) को आदेश दिया कि तुरंत इस सीरीज की स्ट्रीमिंग को रोक दे और 24 घंटों के अंदर इस संबंध में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो आयोग सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 14 के प्रवधानों के तहत उचित कार्रवाई कर सकता है। बता दें कि 8 मार्च को नेटफ्लिक्स पर रिजीज हुई बॉम्बे बेगम्स  (Netflix Bombay Begums) 5 महिलाओं की कहानी है। इस वेब सीरीज की निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव है। सीरीज में पूजा भट्ट, अमृता सुभाष, शाहाना गोस्वामी, आध्या आनंद और प्लाबिता बोरठाकुर ने काम किया है।

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