राज कुंद्रा के ऑफिस पर पुलिस की छापा.. सर्वर, फोन और लैपटॉप सीज, जुर्म कबूलने के बाद बड़ा एक्शन

 
राज कुंद्रा के ऑफिस पर पुलिस की छापा.. सर्वर, फोन और लैपटॉप सीज, जुर्म कबूलने के बाद बड़ा एक्शन

NewzBox Desk: पॉर्न फिल्‍म केस (Porn Film Case) में फंसे बिजनसमेन राज कुंद्रा (Raj Kundra) के मुंबई स्थित विआन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ऑफिस और कुछ अन्य ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि इस दौरान ऑफिस के कुछ कम्प्यूटर्स की हार्ड डिस्क और सर्वर को सीज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहीं से 'वी ट्रांसफर' (We Transfer) के जरिए वीडियोज को अपलोड किया जाता था। पुलिस ने कुछ अन्य कागजात, राज कुंद्रा का आईफोन और लैपटॉप भी जब्त कर लिया है। इसे जांच के लिए फरेंसिक लैब में भेज दिया गया है। मामले में जल्द ही शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) से भी पूछताछ की जा सकती है।

23 जुलाई तक पुलिस हिरासत में राज

बता दें, राज कुंद्रा (Raj Kundra) को क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने बीते सोमवार को गिरफ्तार किया था। उन पर अश्लील फिल्म बनाने और उन्हें कुछ ऐप्‍स पर दिखाने का आरोप है। राज को 23 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उनके साथ उनके पार्टनर रायन थार्प को भी हिरासत में भेजा गया है।

मास्‍टरमाइंड हैं राज कुंद्रा

मुंबई क्राइम ब्रांच ने कहा है कि राज कुंद्रा इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड हैं। अधिकारियों ने राज से काफी सवाल-जवाब किए जिसमें उन्‍होंने रोजाना लाखों के ट्रांजेक्‍शन को लेकर भी खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने राज और उनकी कंपनी विआन से जुड़े सभी बैक अकाउंट्स में बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन को लेकर फरेंसिक ऑडिट करने की तैयारी की है।

अधिकारियों ने राज (Raj Kundra) से बैंक अकाउंट में हर रोज लाखों के ट्रांजेक्शन को लेकर पूछताछ की। इस पर राज ने बताया कि फरवरी 2019 में उन्‍होंने आर्म्स प्राइम मीडिया लिमिटेड नाम की एक कंपनी बनाई थी और हॉटशॉट्स नाम के ऐप को डेवलप किया था।

मेनटेनेंस के लिए होता था लाखों का ट्रांजेक्‍शन

राज (Raj Kundra) ने आगे बताया कि इसके बाद उन्‍होंने इस ऐप को केनरिंग नाम की कंपनी को 25 हजार डॉलर में बेच दिया था लेकिन हॉटशॉट्स ऐप के मेनटेनेंस के लिए केनरिंन कंपनी से उनकी कंपनी विआन ने टाइ-अप किया था। इसी मेनटेनेंस के लिए लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन विआन कंपनी के 13 बैंक अकाउंट्स में होता था।

यूं घुमाया जाता था पैसा

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, हॉटशॉट्स पर सब्सक्राइबर्स के जरिए होनेवाली मोटी कमाई की रकम को मेनटेंनेस के नाम पर ट्रांजेक्शन दिखाना Modus Operandy थी। मेनटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन यूके बेस्ड केनरिंग कंपनी से राज कुंद्रा की कंपनी के 13 बैंक अकाउंट्स में होता था। फिर कुछ सेल कंपनीज में ये पैसा घुमाया जाता था और आखिर में पैसे राज के पर्सनल बैंक अकाउंट में आ जाते थे।

जारी किया गया है एलओसी

क्राइम ब्रांच ने राज और उनकी कंपनी विआन से जुड़े सभी बैक अकाउंट्स में बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन को लेकर फरेंसिक ऑडिट करने की तैयारी की है। केनरिंग कंपनी के सीईओ प्रदीप बख्शी को वॉन्‍टेड आरोपी बताते हुए एलओसी जारी किया गया है।

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