कोरोना के बाद अब दिल्ली में ब्लैक फंगस का कहर, एक हजार से ज्यादा केस आए सामने, 89 की मौत

राजधानी दिल्ली को कोरोना संक्रमण से भले ही राहत मिलने लगी है, लेकिन ब्लैक फंगस (Black Fungus in Delhi) के बढ़ते मामले अब लोगों को डराने लगे हैं। अब तक दिल्ली में ब्लैक फंगस के 1044 मामले सामने आ चुके हैं।
 
कोरोना के बाद अब दिल्ली में ब्लैक फंगस का कहर, एक हजार से ज्यादा केस आए सामने, 89 की मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को कोरोना संक्रमण से भले ही राहत मिलने लगी है, लेकिन ब्लैक फंगस (Black Fungus in Delhi) के बढ़ते मामले अब लोगों को डराने लगे हैं। अब तक दिल्ली में ब्लैक फंगस के 1044 मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जानकारी दी है कि अब तक ब्लैक फंगस के शिकार 89 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं 92 लोग इसे मात देकर ठीक हो चुके हैं।

लगातार बढ़ रहे ब्लैक फंगस (Black Fungus in Delhi) के मामलों के चलते इसकी दवा एम्फोटेरिसिन-बी की भी बाजार में कमी हो गई है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले पर सरकार को कड़े निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने ब्लैक फंगस के शिकार रोगियों के उपचार में उपयोगी दवा के वितरण पर केंद्र और दिल्ली सरकार से नीति बनाने को कहा है।

सरकार को करने होंगे कड़े फैसले 

हाई कोर्ट के न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायाधीश जसमीत सिंह की बेंच ने कहा कि यह वह गोली है जो आपको लेनी है और आपको यह जरूरी निर्णय करना है जो आसान काम नहीं है। बेंच ने स्पष्ट किया कि वह यह बिल्कुल नहीं कह रही है कि किसी एक व्यक्ति का जीवन किसी दूसरे से कम महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार से कहा कि वह ब्लैक फंगस (Black Fungus in Delhi) से पीड़ित रोगियों के उपचार में काम आने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी के वितरण पर एक नीति तैयार करें।

कोर्ट ने कहा कि जब तक दवा की कमी है तब तकएक निश्चित आयु समूह श्रेणी के लोगों को बाहर करने का निर्णय सरकार करें। कोर्ट ने कहा कि यह निर्णय डॉक्टर पर ना छोड़ा जाए और इस संबंध में एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए। कोर्ट ने कहा कि यदि 2 रोगी हैं, जिनमें से एक की उम्र 80 साल तथा एक उम्र 35 साल है और दवा की केवल एक ही खुराक है। तो यह किसे दी जानी चाहिए। यह जरूरी निर्णय आपको ही करना है। इसीलिए इस संबंध में दवा वितरण को लेकर एक नीति तैयार करें।

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