उद्धव ठाकरे को अनिल देशमुख ने लिखी चिट्ठी, कहा-मेरे ऊपर लगे वसूली के आरोपों की हो जांच

वसूली के आरोपों को लेकर घिरे महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh letter) ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक चिट्ठी लिखी है।
 
उद्धव ठाकरे को अनिल देशमुख ने लिखी चिट्ठी, कहा-मेरे ऊपर लगे वसूली के आरोपों की हो जांच

नई दिल्ली। वसूली के आरोपों को लेकर घिरे महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh letter) ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक चिट्ठी लिखी है। देशमुख ने इस चिट्ठी में कहा कि अगर मुख्यमंत्री मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर किसी भी जांच का आदेश देते हैं तो वह इसका स्वागत करेंगे।

गृह मंत्री देशमुख ने उद्धव को लिखी चिट्ठी

अनिल देशमुख (Anil Deshmukh letter) ने आधी रात को ट्वीट कर यह लेटर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने इसमें 21 मार्च को लिखे पत्र की प्रति साझा की जिसमें परमबीर सिंह के आरोपों की तुरंत जांच कराने की मांग की थी। देशमुख ने ट्वीट किया, 'मैंने माननीय मुख्यमंत्री से मेरे खिलाफ परमबीर सिंह के आरोपों की जांच कराने का आदेश देने की मांग की है ताकि स्थिति साफ हो। अगर माननीय मुख्यमंत्री जांच का आदेश देते हैं तो मैं इसका स्वागत करूंगा। सत्यमेव जयते।'


देशमुख ने अपने पत्र (Anil Deshmukh letter) में कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में 'कोई सच्चाई' नहीं है और उन्होंने मामले में जांच कराने की मांग की। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि परमबीर सिंह द्वारा मुझपर लगाए गए आरापों की जांच करवाकर 'दूध का दूध, पानी का पानी' करने कि मांग मैंने मुख्यमंत्री से की थी। अगर वे जांच के आदेश देते हैं तो मैं उसका स्वागत करूंगा।

किया गया ये दावा

परमबीर सिंह ने 20 मार्च को ठाकरे को आठ पन्नों की चिट्ठी लिखी थी जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया। पत्र में दावा किया गया है कि अनिल देशमुख (Anil Deshmukh letter) ने पुलिस अधिकारियों को बार और होटलों से हर महीने 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने के लिए कहा था। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली कार में विस्फोटक सामग्री होने के मामले में विवादों में घिरी राज्य सरकार ने 17 मार्च को परमबीर सिंह का तबादला कर दिया था। इसके एक दिन बाद देशमुख ने कहा था कि सिंह के कुछ सहर्किमयों ने 'गंभीर और अक्षम्य गलतियां' की जिसके बाद उनका तबादला किया गया।

परमबीर सिंह ने लगाए थे आरोप

परमवीर सिंह ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में देशमुख (Anil Deshmukh letter) पर फरवरी मध्य में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर बार-रेस्टोरेंट्स से 100 करोड रुपए की वसूली करने का आरोप लगाया था। लेकिन देशमुख ने यह कहते हुए आरोपों को गलत बताया था कि वह कोरोना पॉजिटिव होने के चलते 5 से 15 फरवरी तक नागपुर के अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इसके बाद 16 से 27 फरवरी तक होम आइसोलेशन में रहे थे।

देशमुख का बचाव करते हुए यही तथ्य सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी मीडिया के सामने रखे थे। भाजपा नेता ने देशमुख पर झूठ बोलने, सही तथ्य से अवगत नहीं कराने का आरोप लगाते हुए अजय कुमार भल्ला को कई सबूत सौंपे।

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