वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार से नाराज हुए सीएम योगी आदित्यनाथ, रफ्तार बढ़ाने के दिए आदेश

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने राज्य में टीकाकरण की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की है। एक हाई पावर कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की। ब्लैक फंगस
 
वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार से नाराज हुए सीएम योगी आदित्यनाथ, रफ्तार बढ़ाने के दिए आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने राज्य में टीकाकरण की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की है। एक हाई पावर कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में टीकाकरण का काम शुरू करने का आदेश दिया है। बता दें कि अभी वैक्सीनेशन का काम 23 जिलों में ही किया जा रहा है।

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने योगी सरकार को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में मंत्रालय की तरफ से वैक्सीनेशन के काम में तेजी लाने को कहा है। जिसके बाद सीएम योगी (UP CM Yogi Adityanath) ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की जमकर क्लास लगाई। 

यूपी में 45+ वालों को लग रही वैक्सीन

उत्तर प्रदेश में इस वक्त 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका कम लग रहा है। जबकि सीएम ने अनपढ़ लोगों के लिए भी कॉमन सर्विस सेंटर पर वैक्सीन देने की व्यवस्था शुरू करवाई है। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण का काम यूपी में थोड़ा सुस्त है। पहली डोज का औसत 19.5 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय औसत 32.3 प्रतिशत है। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे जिलों में टीकाकरण का काम बेहतर है, लेकिन आजमगढ़, हरदोई और गाजीपुर जैसे जिलों में वैक्सीन देने की रफ्तार सुस्त है। 

बता दें कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को कोविड-19 का निशुल्क टीका देने का ऐलान किया है। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण भारत सरकार की मदद से हो रहा है। जबकि 18 से 44 साल वालों को राज्य सरकार के संसाधनों से टीका-कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाने वाला राज्य है। 18 से 44 आयु वर्ग के साढ़े 10 लाख लोगों को टीका लग चुका है। ऐसा करने वाला यूपी देश का इकलौता राज्य है।

बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षणों में यह साबित हो चुका है कि कोविशील्ड हो या फिर कोवैक्सीन, दोनों ही कोविड-19 से बचाव के बढिया विकल्प हैं। यूपी के कुछ इलाकों, खासतौर से गांवों से कुछ लोगों को टीका लेने में आनाकानी की खबरें आई हैं। उन्हें वैक्सीन के दुष्प्रभाव को लेकर आशंका है। यह बिल्कुल गलत है। एक अफवाह है जिस पर ध्यान न दें। इसीलिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। सीएम योगी ने बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान टीका ही सुरक्षा कवर है की याद दिलाई।

चार करोड़ वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर दिया

उच्च स्तरीय कमेटी की मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा कि वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है। योगी ने कहा कि यह प्रयास हो कि अधिक से अधिक वैक्सीन निर्माता कंपनियां इसमें भागीदार बनें। सभी कंपनियों से लगातार संवाद बनाये रखा जाए। भारत सरकार ने अभी तीन वैक्सीन के प्रयोग की अनुमति दी है, जबकि कई अन्य वैक्सीन के संबंध में विचार किया जा रहा है। यूपी सरकार ने 4 करोड़ वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर किया है।

टीका की हर बूंद अमूल्य

सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने आगे कहा, कोविड-19 वैक्सीन की हर एक बूंद अमूल्य है। वैक्सीन के डोज किसी भी कीमत पर बर्बाद न हों। लगातार प्रयासों से वैक्सीन वेस्टेज में कमी आई है। 18 से 45 आयु वर्ग में वैक्सीन वेस्टेज न के बराबर है। बेहतर प्लानिंग से ही वैक्सीनेशन की काम पूरा हो सकता है।

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