राफेल डील को लेकर कांग्रेस ने फिर उठाए सवाल, पूछा-डील में किसे दिए करोड़ों के गिफ्ट?

 
राफेल डील को लेकर कांग्रेस ने फिर उठाए सवाल, पूछा-डील में किसे दिए करोड़ों के गिफ्ट?

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच हुई राफेल डील (Rafale Deal) का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को इसे लेकर मोदी सरकार पर हमला किया है। दरअसल, फ्रांस के एक पब्लिकेशन मीडिया पार्ट में छपी रिपोर्ट में एक दावे के बाद कांग्रेस ने इसे संज्ञान में लिया है। 

फ्रेंच पब्लिकेशन की रिपोर्ट में लिखा है कि 2016 में भारत और फ्रांस के बीच राफेल डील (Rafale Deal) हुई थी। उस समय फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन ने इस डील के लिए भारत में एक मीडिएटर को 1.1 मिलियम यूरो दिए थे। इस खुलासे को लेकर अब कांग्रेस ने भाजपा सरकार से कई सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान मोदी सरकार से सवाल किया है कि 60 हजार करोड़ रुपए की इस राफेल डील (Rafale Deal) में 1.1 मिलियन यूरो के गिफ्ट किसे दिए गए ? फ्रेंच पब्लिकेशन ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है फ्रांस की एंटी करप्‍शन एजेंसी ने डसॉल्ट के अकाउंट का जब ऑडिट किया तब ये खुलासा हुआ कि भारत-फ्रांस के बीच हुई राफेल डील में डसॉल्ट एविएशन ने भारत के एक बिचौलिए को 1.1 मिलियन यूरो दिए थे। ऑडिट रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि 2017 में डसॉल्ट ग्रुप के अकाउंट 508935 यूरो गिफ्ट टू क्‍लाइंट्स ट्रांसफर हुए।


 

कांग्रेस ने पूछे ये सवाल

सुरजेवाला ने कहा इस पूरे लेन-देन को गिफ्ट टू क्‍लाइंट्स नाम दिया गया। अगर ये जहाज के मॉडल बनाने के रुपए थे, तो इसे गिफ्ट टू क्लाइंट की क्यों संज्ञा दी गई, इसे ये क्यों कहा। कांग्रेस नेता ने सवाल पूछा कि क्या ये छिपे हुए ट्रांजेक्‍शन का हिस्‍सा था। उन्‍होंने कहा कि जिस कंपनी को पैसे दिए गए वो कंपनी मॉडल का निर्माण नहीं करती हैं। 60 हजार करोड़ रुपए के राफेल सौदे से जुड़ी सारी सच्‍चाई इस रिपोर्ट के बाद सबके सामने आ चुका है। इसका खुलासा हमनें नहीं फ्रांस (Rafale Deal) की एजेंसी ने किया है।

रक्षा मंत्रालय की डील में बिचौलिए कैसे शामिल?

सुरजेवाला ने पूछा है कि क्या ये जो 1.1 मिलियन यूरो का जो क्लाइंट गिफ्ट दिखा रहा वो राफेल डील (Rafale Deal) को करवाने के लिए बिचौलियों को दिए? अगर दो देशों के रक्षा मंत्रालय के बीच ये सौदा हुआ तो इसमें बिचौलिए कैसे शामिल हुए। उन्‍होंने पूछा क्या इससे सवाल नहीं उठ रहे? इसके साथ ही उन्‍होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच होना चाहिए ताकि पता चल सके कि किसे इतनी मोटी रकम दी गई है। आखिरी सवाल सुरेजवालाने पीएम से किया कि क्या इस पर कुछ बोलेंगे।

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