अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए नहीं मिल रहा डोनेशन, अब तक सिर्फ 20 लाख का मिला दान

राम मंदिर के लिए जिस कदर जनमानस में उत्साह देखने को मिला, वैसा मस्जिद (Ayodhya Mosque) के लिए नहीं दिख रहा है। इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (Islamiq cultural foundation) के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि मस्जिद निर्माण के लिए अभी तक सिर्फ 20 लाख रुपये का दान मिला है।
 
अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए नहीं मिल रहा डोनेशन, अब तक सिर्फ 20 लाख का मिला दान

नई दिल्ली। अयोध्या की पावन भूमि पर एक ओर जहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर मस्जिद निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। लेकिन, राम मंदिर के लिए जिस कदर जनमानस में उत्साह देखने को मिला, वैसा मस्जिद (Ayodhya Mosque) के लिए नहीं दिख रहा है। इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (Islamiq cultural foundation) के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि मस्जिद निर्माण के लिए अभी तक सिर्फ 20 लाख रुपये का दान मिला है। वो भी हम लोगों ने मांगा नहीं है। यह दान स्वेच्छा से लोगों ने दिया है।

गौरतलब है कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सालों से चल रहे केस पर फैसला सुनाया था। इसके बाद मस्जिद निर्माण  (Ayodhya Mosque) के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से अयोध्या में ही अलग से भूमि का प्रबंध कराने को कहा था। इंडो इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन (Islamiq cultural foundation)  इस मस्जिद निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही है। 

अतहर हुसैन का कहना है कि जब तक 80-G का सर्टिफिकेट मस्जिद ट्रस्ट  (Ayodhya Mosque) को नहीं मिल जाता, तब तक वह किसी से मस्जिद निर्माण और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए दान नहीं लेंगे। बता दें कि 80-G सर्टिफिकेट आयकर काननू का वह सेक्शन है, जो विदेशों से आर्थिक सहयोग देने वाले लोगों को आयकर में छूट प्रदान करता है।

आयकर कानून का सेक्‍शन 80-G किसी ट्रस्ट, चैरिटेबल संस्था  (Islamiq cultural foundation) या कुछ निश्चित रिलीफ फंड्स में दान देकर टैक्स कटौती का लाभ पाने का विकल्प उपलब्ध कराता है। इसका फायदा व्यक्तिगत आयकर दाता, कोई कंपनी और एनआरआई भी उठा सकते हैं।

अतहर का कहना है कि जब तक हमें 80-G की छूट नहीं मिलती है, तब तक हम विदेशों से आर्थिक सहायता नहीं लेंगे। आयकर छूट के बाद हम विदेशों से आर्थिक सहयोग की छूट लेने के लिए आवेदन करेंगे। हुसैन ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य 5 एकड़ की भूमि में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाना है और वह अस्पताल 200 बेडों से लैस होगा। एक बेड की कीमत लगभग 50 लाख रुपये आएगी। कुल मिलाकर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने में 100 करोड़ रुपये की लागत लगेगी।

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन  (Islamiq cultural foundation) के प्रवक्ता ने बताया कि जो मस्जिद (Ayodhya Mosque) की जमीन के अंदर अस्पताल निर्माण के लिए हमने पिछले माह अस्पताल के नक्शे का आवेदन किया था, उसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण ने कुछ आपत्तियां जताईं थी और नक्शे में संशोधन की मांग की थी। इसे हम लोगों ने अब संशोधित कर लिया है और जिसके चलते अयोध्या के हमारे लोकल ट्रस्टी कैप्टन अफजाल ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के कुलपति से अपॉइंटमेंट भी ले लिया था।

उन्होंने बताया कि हमें अस्पताल के संशोधित नक्शे के साथ उनसे मिलना था, लेकिन इसी बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण के वाइस चांसलर की पत्नी को कोरोना हो गया, जिसके कारण मीटिंग नहीं हो पाई। हालांकि, जब स्थिति ठीक होगी तब हम अपने संशोधित नक्शे के साथ वीसी से मिलेंगे और उम्मीद है कि जल्द ही कॉम्प्लेक्स का नक्शा पास हो जाएगा।

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