कोरोना की दूसरी लहर के दौरान केजरीवाल सरकार ने ऑक्‍सीजन की जरूरत को 4 गुणा ज्यादा बताया

दिल्ली के चार अस्पतालों को कम बेड के बाद भी ऑक्सीजन की ज्यादा खपत (Oxygen demand in Delhi) का दावा करने रिपोर्ट तलब की गई है।
 
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान केजरीवाल सरकार ने ऑक्‍सीजन की जरूरत को 4 गुणा ज्यादा बताया

नई दिल्ली। दिल्ली के चार अस्पतालों को कम बेड के बाद भी ऑक्सीजन की ज्यादा खपत (Oxygen demand in Delhi) का दावा करने रिपोर्ट तलब की गई है। दरअसल, दिल्ली के सिंघल अस्पताल, अरुणा आसिफ अली अस्पताल, ईएसआईसी मॉडल अस्पताल और लिफ़ेरे अस्पताल में कुछ बिस्तर थे और उनका डेटा गलत था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत के दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

एक सरकारी पैनल ने दिल्ली के अस्पतालों द्वारा दिए गए आंकड़ों में गड़बड़ियों को नोट (Oxygen demand in Delhi) किया है और उनसे इस बारे में जवाब भी मांगा है।

दरअसल, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की इसी मांग के कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत (Oxygen demand in Delhi) पैदा हुई थी, क्योंकि तब की जा रही मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई दिल्ली में की जा रही थी।

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मई में दिल्ली में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा था। तब दिल्ली के कई अस्पतालों द्वारा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था और तुरंत ऑक्सीजन सप्लाई (Oxygen demand in Delhi) बढ़ाने की अपील की गई थी। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने 12 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन कर उनसे ऑक्सीजन वितरण, जरूरत और सप्लाई पर ऑडिट रिपोर्ट तलब की थी।

इस टास्क फोर्स में दो सरकारी अधिकारी और देश के दस जाने माने डॉक्टर्स भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस टास्क फोर्स को 6 महीने का वक्त दिया गया था, हालांकि इस दौरान वक्त-वक्त पर रिपोर्ट मांगी गई थी।

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