किसानों ने BJP के 15 नेताओं को बनाया बंधक, कोर्ट और गृह मंत्रालय के दखल के बाद छूटे

 
किसानों ने BJP के 15 नेताओं को बनाया बंधक, कोर्ट और गृह मंत्रालय के दखल के बाद छूटे

NewzBox Desk: पंजाब में कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध (Farmers Protest) कर रहे किसान नेताओं ने BJP के नेताओं को कई घंटे तक उनके घर में ही बंधक बना दिया। किसानों ने बिजली का कनेक्शन तक काट दिया। 

रविवार को आधी रात पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana High Court) ने मामले में दखल दिया तो पुलिस हरकत में आई और बीजेपी नेताओं को मुक्त करवाया।

BJP नेताओं ने लगाया आरोप

बंधक से छुड़ाए गए सभी बीजेपी नेताओं ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों(Farm Laws)  का विरोध करने के बहाने किसानों पर गैरकानूनी काम करने का आरोप लगाया।

BJP नेताओं ने भड़काया: किसान

वहीं, किसानों ने बीजेपी नेताओं पर उनके साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया है। किसान नेता प्रेम सिंह भंगू ने बीजेपी नेता भूपेश अग्रवाल पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर किसानों को भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि यह घटना तब भड़क गई, जब भूपेश अग्रवाल के अंगरक्षक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पिस्तौल तान दी।

रविवार को राजपुरा में बीजेपी के कई कार्यक्रम थे। पार्टी नेता सुबह भारत विकास परिषद भवन में बैठक कर रहे थे। उसी समय किसान पहुंच गए और मारपीट करने लगे। एक बीजेपी नेता का कुर्ता फाड़ दिया। पुलिस ने मुश्किल से नेताओं को वहां से सुरक्षित निकाला। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे जब पार्टी के प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा लायंस भवन में बैठक करने पहुंचे तो किसान वहां पहुंचकर हंगामा करने लगे।

शाम को करीब 250-300 किसानों ने बीजेपी के जिला सचिव डॉ. अजय चौधरी के घर को घेर लिया। घर की बिजली सप्लाई भी काट दी और प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा, जिला प्रभारी भूपेश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष ग्रामीण विकास शर्मा, शहरी जिलाध्यक्ष हरिंदर कोहली, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप नंदा सहित करीब 15 नेताओं को घर में बंधक बना लिया।

मौके पर पहुंचे पटियाला के डीआईजी विक्रमजीत दुग्गल, एसएसपी संदीप गर्ग, एसपी केसर सिंह और अन्य अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने कहा कि जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।

हाई कोर्ट ने ऐक्शन लिया

पुलिस के रवैये से निराश बीजेपी नेता रविवार की रात में ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गए। अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुवीर सहगल की बेंच ने रात करीब साढ़े 12 बजे बंधक बने बीजेपी नेताओं को सुरक्षित निकालने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को सोमवार की दोपहर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए।

गृह मंत्रालय ने क्या किया?

मामला गृह मंत्रालय तक पहुंच गया। जहां से पंजाब के पुलिस महानिदेशक तथा मुख्य सचिव को फटकार लगाई गई। इसके बाद पटियाला और आसपास के जिलों की पुलिस को बुलाकर सुबह करीब चार बजे बीजेपी नेताओं को मुक्त करवाया गया।

बीजेपी का क्या रुख रहा?

इस मुद्दे को लेकर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मुलाकात की। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि वे बीजेपी नेताओं की सुरक्षा को यकीनी बनाएं।
 

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