सरकारी विभाग का अनोखा फरमान, वैक्सीन नहीं तो सैलरी भी नहीं

कोरोना वायरस (No Salary if No Vaccine) की दूसरी लहर भारत बेहत घातक साबित हुई है। इन सबके बीच वैक्सीन ही एकमात्र उपाय नजर आ रहा है। लेकिन कहीं लोग जागरूकता की कमी के चलते वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं, तो कहीं चेतावनी देकर वैक्सीन लगवाई जा रही है।
 
सरकारी विभाग का अनोखा फरमान, वैक्सीन नहीं तो सैलरी भी नहीं

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (No Salary if No Vaccine) की दूसरी लहर भारत बेहत घातक साबित हुई है। इन सबके बीच वैक्सीन ही एकमात्र उपाय नजर आ रहा है। लेकिन कहीं लोग जागरूकता की कमी के चलते वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं, तो कहीं चेतावनी देकर वैक्सीन लगवाई जा रही है। ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ में देखने को मिला। 

दरअसल, यहां के एक जिले में आदिवासी कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने एक आदेश जारी कर अपने स्टाफ सदस्यों को कोरोना का टीका (No Salary if No Vaccine) लगवाने को कहा है। साथ ही एक अजीब चेतावनी भी दे डाली है।

'वैक्सीन नहीं तो सैलरी नहीं' 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सहायक आयुक्त के एस मसराम ने अपने स्टाफ से कहा कि वे जल्द से जल्द वैक्सीन लगवा (No Salary if No Vaccine) लें। साथ ही ऐसा नहीं करने पर उनका अगले महीने का वेतन रोक दिया जाएगा। जारी आदेश में जिले में आदिवासी कल्याण विभाग द्वारा संचालित कार्यालयों, आश्रमों (आवासीय विद्यालयों) और छात्रावासों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को टीका लगवाने और अपने कार्यालय में टीकाकरण कार्ड जमा करने को कहा गया है। यानी अगर वे टीकाकरण कार्ड नहीं दिखाते तो उनकी अगले माह की तंख्वाह रोक दी जाएगी।

वायरल हुई आदेश की कॉपी

इस बीच अधिकारी  द्वारा 21 मई को जारी आदेश की एक कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जहां कुछ लोगों ने इसे तानाशाही बताकर नाराजगी जाहिर की। वहीं कई लोगों ने कहा स्लॉट ही नहीं मिल रहे तो कैसे वैक्सीन (No Salary if No Vaccine) लें। इससे पहले मसराम ने 20 मई को विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के कोरोना टीकाकरण का आदेश भी जारी किया था।

वैक्सीन ले चुका है 95% स्टाफ

एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस आदेश के पीछे का उद्देश्य कोरोना (No Salary if No Vaccine) के खिलाफ लड़ाई में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि आदेश जारी होने के बाद विभाग के 95 प्रतिशत स्टाफ सदस्यों ने वैक्सीन शॉट्स लिए। हालांकि उन्होंने कहा कि हम कोई वेतन नहीं रोकने वाले, हमारा इरादा बस कर्मचारियों को टीका लगवाने का था।

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