डाक्टरों-हेल्थ वर्कर्स के लिए बने 'ग्रेटिट्यूड मेमोरियल'... IMA और IHW काउंसिल ने PM मोदी से की मांग

 
डाक्टरों-हेल्थ वर्कर्स के लिए बने 'ग्रेटिट्यूड मेमोरियल'... IMA और IHW काउंसिल ने PM मोदी से की मांग

* हेल्थकेयर वर्कर्स (स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं) के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर स्मारक बनाने के लिए प्रधानमंत्री और सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा जायेगा

* स्मारक में कोविड के कारण जान गवांने वाले अब तक 1500 से अधिक डाक्टरों का नाम अंकित किए जाने की माँग

* आईएमए का कहना है कि स्मारक की स्थापना से समाज में डाक्टरों के प्रति सम्मान फिर से बढ़ेगा और उनके प्रति होने वाली हिंसक घटनाओं में कमी आएगी

* आईएचडबलू काउंसिल ने जुलाई के पहले हफ्ते में आयोजित हुए 'ग्रेटिट्यूड वीक' में हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए स्मारक बनाने की मांग उठाई थी

NewxBox Desk: भारत में डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और प्रमुख स्वास्थ्य जागरूकता संस्थान इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग (IHW Counsil) काउंसिल ने कोविड महामारी के दौरान लोगों की निस्वार्थ सेवा करने के लिए डाक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए 'नेशनल 'ग्रेटिट्यूड मेमोरियल' (National Gratitude Memorial) स्थापित करने की सामूहिक मांग की। कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान और बलिदान अनुकरणीय है।

IHW काउंसिल द्वारा आयोजित किए गए राष्ट्रीय थैंक्स गिविंग पहल के तहत महामारी की पहली लहर के दौरान 2020 में मनाए गए 'ग्रेटिट्यूड वीक फॉर हेल्थ गार्जियंस (जो 1 जुलाई से 7 जुलाई तक मनाया जाता है।)' के दौरान यह मांग उठाई गई थी। तब से  आईएचडबलू काउंसिल एक सार्वजनिक अभियान चला रही है और विभिन्न स्वास्थ्य मंचों में इस मांग को उठा रहा है। कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और उद्योग जगत के नेताओं और संगठनों ने इस सार्वजनिक अभियान को पीएमओ तक ले जाने के वादे के साथ  इस मांग का समर्थन किया और लोगों को कोविड-19 के दौरान जान गंवाने वाले स्वास्थ्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए इस तरह के स्मारक की स्थापना की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

दोनों संगठनों (आईएमए & आईएचडब्लू) ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया को बताया कि वे संयुक्त रूप से भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी और दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी को क्रमशः एक राष्ट्रीय और दिल्ली राज्य स्मारक स्थापित करने के लिए पत्र लिखेंगे।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डा. जे ए जयलाल ने स्मारक स्थापित करने की मांग को उठाते हुए अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "पिछले साल से कोविड-19 विश्व स्तर पर लंबे समय तक युद्ध जैसा माहौल बनाए रखे हुए है। यह युद्ध, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं द्वारा लड़ा जा रहा है। इस युद्ध में निस्वार्थ और अथक रूप से मोर्चे पर सबसे आगे लड़ते हुए अब तक 1524 डॉक्टरों ने अपनी जान गवां दी है। यह ग्रेटिट्यूड स्मारक उन सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी। ये स्मारक ठीक उसी तरह होंगे जैसे युद्ध स्मारक युद्ध के अनुभव को बताते हैं और सैनिकों के बलिदान को अमर करते हैं। इसके अलावा यह लोगों और नई पीढ़ी के बीच डॉक्टरों और मानवता के लिए चिकित्सा बिरादरी के समग्र योगदान को पहचानने के लिए कृतज्ञता की भावना पैदा करेगा।"

इंटीग्रेटेड हेल्थ एंड वेलबीइंग (IHW) काउंसिल के सीईओ श्री कमल नारायण ने डाक्टरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए स्मारक स्थापित करने की मांग पर अपने विचार साझा किए। इस विषय में उन्होंने कहा, "फ्रंटलाइन वर्कर्स और डाक्टरों को उनके निस्वार्थ काम का शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द नाकाफी है क्योंकि इन सभी ने लोगों की भलाई के लिए अपनी जान भी दांव पर लगा दी है। वे तब भी हमारी सेवा करते रहे, जब उनके मित्र और परिवार के सदस्य बीमारी के कारण दम तोड़ चुके थे। आम भारतीयों के रूप में यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम काम पर आने वाली चुनौतियों के बावजूद हमें सुरक्षित और स्वस्थ रखने में उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान करें। हमें उम्मीद है कि ग्रेटिट्यूड स्मारक हमारे स्वास्थ्य नायकों द्वारा किए गए अच्छे काम की निरंतर याद दिलाता रहेगा और हमारी अंतरात्मा से लोगों और हमारी नई पीढ़ी के व्यवहार में बदलाव लाने और उन्हें वह सम्मान और सम्मान देने की अपील करेगा जिसके वे हकदार हैं।"

दोनों  संगठनों ने यह भी बताया कि उन्हे इस मांग में इंडियन एलायंस ऑफ पेशेंट ग्रुप्स (IAPG), मरीजों की सहायता करने वाले  समूहों और सामाजिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कई अन्य संगठनों का सहयोग और समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह बात दोहराई कि राज्य स्तर पर इस तरह के स्मारक बनाने के लिए वे सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे।

इंडियन एलायंस ऑफ पेशेंट ग्रुप्स (IAPG) के चेयरपर्सन डॉ संजीव कुमार ने इस पहल पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा, "मानव के जीवन पर कोविड-19 ने भयानक और अप्रत्याशित कहर ढाया है। डॉक्टर हो या हेल्थकेयर वर्कर्स या फ्रंट लाइन वर्कर्स सभी को वायरस से जान गंवानी पड़ी है। लेकिन इन लोगों ने शारीरिक और मानसिक बंधनों को पार करते हुए हमारी सेवा करना जारी रखे। हमे यह भी ज्ञात है कि भले ही संसाधन सीमित हो जाए वे फिर भी हमारी सेवा करते रहेंगे। मरीजों के समूह के रूप में हम उनके जीवन बचाने वाले योगदान के लिए उन्हे पर्याप्त धन्यवाद नहीं दे सकते हैं और सेवा के दौरान मरने वाले सभी लोगों के लिए एक स्मारक स्थापित करना बिल्कुल उपयुक्त श्रद्धांजलि है। हम आईएचडब्ल्यू काउंसिल और आईएमए की मांग का समर्थन करते हैं और सरकारों से इस पर सावधानीपूर्वक विचार करने का आग्रह करते हैं।

प्रस्तावित स्मारक डॉक्टरों और हेल्थकेयर के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण और व्यवहार को बदलने में भी मदद करेगा, इस बात पर जोर देते हुए डॉ जयलाल ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को रोकने की तत्काल आवश्यकता है और ऐसा करने के लिए जनता और सरकार दोनों जीवन बचाने और लोगों की सेवा करने के इस नेक पेशे (डाक्टरी बिरादरी) का समर्थन करने के लिए सामने आए हैं।

उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे कहा, "महामारी के दौरान डॉक्टर संक्रामक वायरल संक्रमण और शारीरिक हिंसा के खतरे से जूझ रहे।

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