भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत, परमाणु मिसाइल ट्रैक करने वाला सीक्रेट युद्धपोत तैयार

विशाखापट्टनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard) में डीआरडीओ (DRDO) और एनटीआरओ (NTRO) की मदद से इस सर्विलांस-वैसल को भारतीय नौसेना के लिए तैयार किया है। इस युद्धपोत को ओशियन सर्विलांस वैसल (Ocean Surveillance Vessel) का नाम दिया गया है। 
 
भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत, परमाणु मिसाइल ट्रैक करने वाला सीक्रेट युद्धपोत तैयार

नई दिल्ली। दुश्मन की परमाणु मिसाइल को ट्रैक करने के लिए भारत ने एक सीक्रेट युद्धपोत तैयार किया है। विशाखापट्टनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard) में डीआरडीओ (DRDO) और एनटीआरओ (NTRO) की मदद से इस सर्विलांस-वैसल को भारतीय नौसेना के लिए तैयार किया है। इस युद्धपोत को ओशियन सर्विलांस वैसल (Ocean Surveillance Vessel) का नाम दिया गया है। 

न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तान शिपयार्ड (Hindustan Shipyard) ने इस बेहद ही खास युद्धपोत को देश की स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (एसएफसी) को सौंप दिया है। माना जा रहा है कि पिछले साल अक्टूबर में शिपयार्ड ने इसे एसएफसी को सौंप दिया था। ये वो समय था जब भारत का चीन के साथ पूर्वी लद्दाख से सटी लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल यानि एलएसी पर टकराव चल रहा था।

ओशियन सर्विलांस वैसल  (Ocean Surveillance Vessel) को हिंदुस्तान शिपर्याड (Hindustan Shipyard) ने साल 2014 में बनाना शुरू किया था। इसे शिपयार्ड ने 'वीसी11184' नाम दिया था और इसे बनाने का मकसद समंदर में दुश्मन की परमाणु मिसाइलों को ट्रैक करना था। जैसे ही दुश्मन देश समंदर में परमाणु मिसाइल को एक्टिवेट करता है तो ये युद्धपोत तुरंत अलर्ट जारी करता है।

भारत बना दुनिया का पांचवा देश

इस युद्धपोत  (Ocean Surveillance Vessel) को तैयार करने वाला भारत दुनिया का पांचवा देश बन गया है। भारत से पहले अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के जंगी बेड़े में इस तरह का सर्विलांस युद्धपोत है। हालांकि, ये एक क्लासीफाइड प्रोजेक्ट है और सीधे एसएफसी के अंतर्गत आता है। इसीलिए इस युद्धपोत के बारे में बेहद कम ही जानकारी मौजूद है।

PMO के अधीन आता है एसएफसी कमान

गौरतलब है कि एसएफसी कमान सीधे प्रधानमंत्री कार्यलाय (पीएमओ) के अधीन है और इसमें सेना के तीनों अंगों (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के सैन्य अधिकारी शामिल होते हैं। लेकिन पहली बार ओशियन सर्विलांस वैसल में एनटीआरओ यानि नेशनल टेक्नोलोजी रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के टेक्निकल-अधिकारी भी तैनात रहेंगे। बेहद गोपनीय जहाज  (Ocean Surveillance Vessel) होने के चलते ही इसके एसएफसी में शामिल होने का कोई विधिवत आयोजन नहीं किया गया।

सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक, वीसी11184  (Ocean Surveillance Vessel) करीब 175 मीटर लंबा है और इसका वजन करीब 1500 टन है। इस पर एक हेलीकॉप्टर भी तैनात रहेगा। जहाज पर नौसेना के 300 अधिकारी और नौसैनिक तैनात रहेंगे। जहाज में खास आएसा रडार, सेंसर और एंटीना लगे हैं।
 

FROM AROUND THE WEB