भारी बर्फबारी में देवदूत बने ITBP के जवान, 13,600 फीट की ऊंचाई पर फंसे 17 यात्री को बचाया

सिक्किम के शेराथांग में 13,600 फीट की ऊंचाई पर भारी बर्फबारी के कारण 17 यात्री फंस गए। ऐसे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान वहां देवदूत बनकर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। 
 
भारी बर्फबारी में देवदूत बने ITBP के जवान, 13,600 फीट की ऊंचाई पर फंसे 17 यात्री को बचाया

नई दिल्ली। हिमालन रेंज में अभी भी भयंकर बर्फबारी का दौर जारी है। सिक्किम के शेराथांग में 13,600 फीट की ऊंचाई पर भारी बर्फबारी के कारण 17 यात्री फंस गए। ऐसे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान वहां देवदूत बनकर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। 

दरअसल, मंगलवार रात शून्य से भी कम तापमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 48वीं बटालियन के जवानों ने इस रेस्क्यू मिशन को अंजाम देने पहुंचे। आईटीबीपी के मुताबिक, शेरथांग के नजदीक 3 गाड़ियां बर्फ में फंस गई थीं, जिसमें कुल 17 यात्री (3 बच्चे, 4 महिलाएं और 10 पुरुष) सवार थे। इन सभी को मंगलवार रात करीब 10 बजे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।

आईटीबीपी (ITBP) के मुताबिक, इन यात्रियों के फंसे होने की सूचना शाम में मिली थी। जिसके बाद आईटीबीपी (ITBP) की रेस्क्यू टीम अपने सामानों और क्रेन गाड़ी के साथ वहां पहुंची। फंसे यात्रियों को निकालने की प्रक्रिया शाम करीब 6 बजे शुरू हुई थी। इस बीच बीमार पड़ रहे एक बच्चे और महिला को दवाई भी दी गई। करीब 4 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद सभी को सुरक्षित तरीके से वहां से रवाना कर दिया गया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान इस तरह के मानवीय कार्यों के लिए अक्सर आगे आते रहते हैं। पिछले महीने ही उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के कारण आई बाढ़ के बाद आईटीबीपी (ITBP) जवानों ने बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया था। तपोवन पावर प्रोजेक्ट क्षेत्र में एक टनल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। इसके अलावा आपदा प्रभावित कई गांवों में जवानों ने राहत सामग्री पहुंचाने में मदद की थी।

FROM AROUND THE WEB