बंगाल विधानसभा में गूंजा 'जय श्री राम', गवर्नर धनखड़ के अभिभाषण में BJP विधायकों का हंगामा

भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ के अभिभाषण के दौरान नारे लगाए और चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान विधायकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।
 
बंगाल विधानसभा में गूंजा 'जय श्री राम', गवर्नर धनखड़ के अभिभाषण में BJP विधायकों का हंगामा

NewzBox Desk: BJP MLAs disrupt Governor’s speech: पश्चिम बंगाल में विधानसभा सत्र (West Bengal Assembly Session) के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। 

भारतीय जनता पार्टी के विधायकों (BJP MLA's) ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) के अभिभाषण के दौरान नारे लगाए और चुनाव के बाद हुई हिंसा (West Bengal Violence) को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान विधायकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। मिली जानकारी के अनुसार भारी शोर शराबे के चलते राज्यपाल अपना भाषण पूरा नहीं दे सके। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राज्यपाल (Jagdeep Dhankhar) ने सिर्फ 4 मिनट में ही अभिभाषण खत्म कर दिया। क्योंकि उस समय सदन में भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व में विधायकों (BJP MLA's) ने वेल में विरोध करना शुरू कर दिया था। नतीजतन, राज्यपाल को भाषण रोकना पड़ा। इसके बाद वह सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और मुख्य सचिव विमान बनर्जी से बात कर के बाहर आए। इस दौरान ममता राज्यपाल को गेट तक छोड़ने आईं।

दूसरी ओर राज्यपाल (Jagdeep Dhankhar) के अभिभाषण के दौरान हंगामा कर रहे विधायक, सदन से बाहर चले गए। बता दें आज सदन का पहला दिन था। मिली जानकारी के अनुसार सदन का कामकाज 8 जुलाई तक चलेगा और 7 जुलाई को 2021-22 के लिए राज्य का बजट पेश किया जाएगा।

अभिभाषण विशुद्ध रूप से प्रोपगैंडा- शुवेंदु

बाद में शुवेंदु (Suvendu Adhikari) ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल को लिख कर दिया गया भाषण झूठा था। इसमें चुनाव के बाद हुई हिंसा का कोई जिक्र नहीं है। यह विशुद्ध रूप से प्रोपगैंडा था। बता दें इस सत्र में पश्चिम बंगाल विधानसभा (West Bengal Assembly) में पहली बार बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने होंगे। एक समय ममता के करीबी माने जाने वाले अधिकारी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने चर्चित नंदीग्राम सीट से कम अंतर से मुख्यमंत्री को हरा दिया था।

भाजपा 75 विधायकों (BJP MLA's) के साथ विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है। कांग्रेस और वाम दलों का मौजूदा विधानसभा में कोई सदस्य नहीं है। अप्रैल-मई में हुए चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की धमाकेदार जीत के बाद विधानसभा का यह पहला सत्र है

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