कोर्ट के फैसले के बाद 7 दिन बाद खत्म हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीजों को मिली राहत

मध्य प्रदेश में पिछले सात दिन से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल (Junior Doctors strike end) आखिरकार खत्म हो गई है। एमपी हाई कोर्ट के आदेश और मरीजों को रही दिक्कत के चलते डॉक्टरों ने यह फैसला किया है। हालांकि, सरकार और डॉक्टरों के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही थी।
 
कोर्ट के फैसले के बाद 7 दिन बाद खत्म हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीजों को मिली राहत

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले सात दिन से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल (Junior Doctors strike end) आखिरकार खत्म हो गई है। एमपी हाई कोर्ट के आदेश और मरीजों को रही दिक्कत के चलते डॉक्टरों ने यह फैसला किया है। हालांकि, सरकार और डॉक्टरों के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही थी। सरकार से बातचीत के बीच तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था।

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि डॉक्टरो ने बिना शर्त हड़ताल खत्म (Junior Doctors strike end) करने का फैसला किया है। डॉक्टरों के काम पर लौटने से अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों ने राहत की सांस ली है।

मानदेय बढ़ाने को लेकर हड़ताल पर थे डॉक्टर्स

दरअसल ये जूनियर डॉक्टर (Junior Doctors strike end) राज्य सरकार से अपना मानदेय बढ़ाने और उनके परिवार के सदस्यों को इस कोरोना महामारी के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की मांग कर रहे थे। अपनी इन मांगों को लेकर ये डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से हड़ताल पर थे। जूनियर डॉक्टरों ने अपने मानदेय में 24 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की मांग की थी। साथ ही इसमें सालाना अलग से 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की मांग भी रखी गयी थी। डॉक्टरों ने अपने परिवार के सदस्यों को भी बेहतर और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की बात कही थी।

हाई कोर्ट ने दिया था हड़ताल खत्म करने का आदेश

पिछले गुरुवार को हाई कोर्ट ने इनकी हड़ताल को असंवैधानिक करार देते हुए 24 घंटे में काम पर लौटने का निर्देश दिया था। जिसके बाद इन सभी जूनियर डॉक्टरों (Junior Doctors strike end) ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इस मामले में राज्य सरकार का कहना है कि वो पहले ही इन डॉक्टरों को सब सुविधा प्रदान कर चुकी है।

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