Kisan Andolan: जंतर मंतर पर चल रही 'किसान संसद', राकेश टिकैत बोले- संसद में विपक्ष बने हमारी आवाज

 
Kisan Andolan: जंतर मंतर पर चल रही 'किसान संसद', राकेश टिकैत बोले- संसद में विपक्ष बने हमारी आवाज

NewzBox Desk: Kisan Andolan: दिल्‍ली की सीमाओं पर महीनों से डटे आंदोलनकारी किसान (Farmers Protest) गुरुवार को जंतर मंतर (Jantar Mantar Kisan Sansad) पहुंचे हैं। संयुक्‍त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्‍व में किसानों का एक जत्‍था यहां 'किसान संसद' लगाएगा। दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) ने यहां पर उन्‍हें प्रदर्शन की इजाजत दी है। 200 किसानों का जत्‍था बसों के जरिए जंतर मंतर पहुंचा। सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रदर्शन चलेगा। 

किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि अगर सांसद किसानों के हक में संसद के भीतर आवाज नहीं उठाते तो चाहे वह किसी भी दल के हों, उनके क्षेत्र में उनका पुरजोर विरोध होगा। 'किसान संसद' (Jantar Mantar Kisan Sansad) को देखते हुए दिल्‍ली पुलिस ने जंतर मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके अलावा सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर पर भी भारी फोर्स तैनात है।

सांसदों को राकेश टिकैत ने चेताया

जंतर मंतर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सांसदों को चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा, ''सांसद चाहे किसी भी दल के हों, अगर वह संसद के भीतर किसानों की आवाज नहीं उठाएंगे तो उनके संसदीय क्षेत्र में उनकी आलोचना होगी।"

'किसान संसद' पर कुछ नहीं बोले राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने संसद पर‍िसर में कृषि कानूनों (Krishi Laws) के खिलाफ पार्टी सांसदों के प्रदर्शन में हिस्‍सा तो लिया मगर 'किसान संसद' (Jantar Mantar Kisan Sansad) पर कुछ नहीं बोले। सदन स्‍थगित होने के बाद जब राहुल बाहर निकले तो पत्रकारों ने उनसे जब सवाल किया तो वे चुप्‍पी साधे रहे।

किसानों के समर्थन में संसद के भीतर प्रदर्शन

कांग्रेस सांसदों ने नए कृषि कानूनों (Krishi Laws) के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया। पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस प्रदर्शन का नेतृत्‍व क‍िया।

पॉइंटवाइज आपत्तियां बताएं तो चर्चा को तैयार: केंद्र

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Tomar) ने कहा, 'देश ने देखा है कि ये कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद हैं। हमने इन कानूनों को लेकर चर्चा की है। अगर वे (आंदोलनकारी किसान) कानूनों के साथ अपनी आपत्तियों को पॉइटवाइज रखते हैं तो हम चर्चा कर सकते हैं।

जंतर-मंतर कूच करते हुए क्‍या बोले थे राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, सरकार ज्यादा सख्त है। जनता को इतनी ताकत भी किसी को नहीं देनी चाहिए। एक कहावत है गांव में- जो झोटा होता हैं ना भैंसा... जब ज्यादा ताकत आ जा तो जिस खोर में खाना खा उसे ही ढा दे सबसे पहले। तो सरकार की जिसने वोट दिया, वह सबसे पहले उसे ही ढहा रही है।

किसानों की आवाज हम उठाएंगे: खड़गे

हम किसानों के मुद्दों को सदन में उठा रहे हैं। किसान हमारी रीढ़ की हड्डी है। किसानों के बिना हम जी नहीं सकते। उस आवाज को उठाना जरूरी है और हम उठाएंगे।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे

'जब कानून वापस नहीं लेने तो क्‍या बात करें?'

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा, शिरोमणि अकाली दल सांसद यह सरकार किसान विरोधी है। किसान पिछले 8 महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार कहती है कि किसान हमसे बात करें लेकिन कानून वापस नहीं होंगे। जब आप ने कृषि कानून वापस नहीं लेने है तो किसान आपसे क्या बात करेंगे?

किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर आंदोलन: नकवी

केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'मुद्दों, तथ्यों और तर्कों को लेकर किसी भी आंदोलन का स्वागत है लेकिन किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर किस मुद्दे पर कुछ लोग आंदोलन करना दिखा रहे हैं। सरकार ने कहा कि आप आइए जो मुद्दे आपके पास हैं उन पर बात करिए, मुद्दे हैं नहीं।

'यूपी मिशन' की तैयारी में हैं आंदोलनकारी किसान

आंदोलनकारी किसानों का अगला पड़ाव उत्‍तर प्रदेश होगा। अगले साल यूपी में चुनाव है, उससे पहले बीजेपी को आइसोलेट करने की कोशिश होगी। सिंघु बॉर्डर पर मौजूद एक किसान नेता प्रेम सिंह भांगू ने न्‍यूज एजेंसी ANI से कहा, "हमारा यूपी मिशन 5 सितंबर से शुरू होगा। हम बीजेपी को पूरी तरह आइसोलेट करेंगे। तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के सिवाय कोई विकल्‍प नहीं है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं।"

योगेंद्र यादव बोले- तय रूट से ही जाएंगे

स्‍वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव भी आज 'किसान संसद' में शामिल हो रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि रूट में कोई बदलाव नहीं है। पुलिस से बातचीत में जो रूट तय हुआ है, काफिला उसी रास्‍ते पर बढ़ेगा।

इस बीच सिंघु बॉर्डर पर मौजूद किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा कि 'पुलिस जानबूझकर यहां घुमा रही है। ये हमारा समय बर्बाद कर रहे हैं। हमारा रूट पहले से तय था। बसों के जरिए सिंघु बॉर्डर से जंतर मंतर जाना था फिर उतरकर पार्लियामेंट जाना था लेकिन कह रहे हैं कि कॉलोनी से जाए।'

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