म्यांमार के नागरिकों की मणिपुर एंट्री पर बैन के आदेश पर बवाल, वापस लिया फैसला

म्यांमार की सीमा से सटे भारत के मणिपुर (Manipur govt order) में एक आदेश जारी किया गया है। दरअसल, मणिपुर की एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने म्यांमार से आने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। 
 

नई दिल्ली। म्यांमार में पिछले महीने हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर रहे हैं। सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक भारतीय सीमाओं में भी घुस रहे हैं। इसे देखते हुए म्यांमार की सीमा से सटे भारत के मणिपुर (Manipur govt order) में एक आदेश जारी किया गया है। दरअसल, मणिपुर की एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने म्यांमार से आने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

राज्य में इस आदेश (Manipur govt order) का भारी विरोध होने के बाद आखिरकार बीरेन सिंह सरकार ने आदेश वापस लेने का फैसला किया है। दरअसल, तीन दिन पहले जारी किए गए इस आदेश के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा साफ झलक रहा था। ऐसे में सरकार ने इसे वापस ले लिया है।

बता दें, इस आदेश (Manipur govt order) को लेकर मणिपुर के पांच जिलों के कमिश्नर को पत्र भेजा गया है। यह सारे जिले मणिपुर की सीमा से काफी नजदीक हैं। सरकार की तरफ से पत्र में आदेश दिया गया है कि केवल मानवीय या फिर मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर ही म्यांमार के नागरिकों को देश में प्रवेश दिया जाए। असल में मणिपुर सरकार को डर है कि म्यांमार के नागरिक भारत में शरणार्थी बनकर घुसने का प्रयास कर सकते हैं क्योंकि म्यांमार की सेना कार्रवाई के नाम पर अपने ही नागरिकों पर गोलियां चला रही है।

मणिपुर के गृह सचिव एच ज्ञान प्रकाश की तरफ से जारी इस पत्र (Manipur govt order) में कहा गया है कि सैन्य तख्तापलट के बाद म्यांमार के नागरिक भारत में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में जिलों को निर्देश दिया जाता है कि वे उन्हें देश में न घुसने दें। इतना ही नहीं, पत्र में यह भी आदेश दिया गया है कि शरणार्थियों के लिए न राहत शिविर बनाएं और न खाने-पीने का इंतजाम करें। वे शरण मांगने आएं तो उन्हें हाथ जोड़कर वापस भेजें। 

आदेश की हो रही आलोचना

26 मार्च को जारी इस आदेश की काफी आलोचना हो रही है। इस आदेश को भारत में शरण देने की परंपरा के खिलाफ और अमानवीय कहा जा रहा है। एक रिपोर्ट की मानें तो मिजोरम के एक अधिकारी के हवाले से सोमवार को बताया गया है कि पिछले महीने के सैनिक तख्तापलट के बाद कम से कम 1000 लोग सीमा पार कर चुके हैं। इनमें से 100 लोगों को वापस भेजा गया था, लेकिन वह फिर से  मणिपुर में ही कहीं छुप गए हैं। हालांकि, विरोध के अंदेशे को देखते हुए आखिरकार फैसला वापस ले लिया गया है।

FROM AROUND THE WEB