तिहाड़ जेल से फोन पर मुकेश अंबानी को कैसे दी गई धमकी, दिल्ली सरकार ने दिए जांच के आदेश

मुंबई में मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी  के घर एंटीलिया के पास खड़ी कार (Antilia Car case) में विस्फोटक मिलने और टेलिग्राम एप के जरिए धमकी के तार दिल्ली की तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से जुड़ रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल मामले में दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन (Satendra Jain) ने जांच के आदेश दिए हैं।
 

नई दिल्ली। मुंबई में मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी  के घर एंटीलिया के पास खड़ी कार (Antilia Car case) में विस्फोटक मिलने और टेलिग्राम एप के जरिए धमकी के तार दिल्ली की तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से जुड़ रहे हैं। इस हाईप्रोफाइल मामले में दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन (Satendra Jain) ने जांच के आदेश दिए हैं। जैन ने कहा कि इस जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैंने महानिदेशक (जेल) को लिखा है कि इस बात की ठीक से जांच की जानी चाहिए कि जेल के अंदर फोन कैसे मिला?


बता दें कि हाल ही में मुकेश अंबानी के घर के पास मिली कार (Antilia Car case) और उससे जुड़े पूरे मामले की जांच मुंबई पुलिस की एसआईटी कर रही है। एसआईटी ने ही दिल्ली पुलिस को टेलीग्राम पर धमकी मिलने की जानकारी साझा की थी। इसकी जांच करते हुए दिल्ली पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे और गुरुवार देर शाम तिहाड़ जेल  (Tihar Jail) में छापेमारी की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी तहसीन अख्तर की बैरक से मोबाइल बरामद कर लिया है। मोबाइल को सीज कर दिया गया है। इसी मोबाइल से टेलिग्राम के जरिए धमकी भरा संदेश मुकेश अंबानी को भेजा गया था।

टेलिग्राम से भेजा था संदेश

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी के घर (Antilia Car case) के बाहर 25 फरवरी को स्कॉर्पियो कार में जिलेटिन की छड़े बरामद हुई थी।  उसके कुछ ही समय बाद एक टेलीग्राम नंबर के जरिए धमकी भी दी गई थी, जिसे जैश उल हिंद ने बनाया था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सीपी सेल को मुंबई पुलिस ने एक उन्हें एक चिट्ठी के जरिए बताया कि उनकी जांच में सामने आया है कि जिस टेलीग्राम एप से जैश उल हिंद ने जिलेटिन रखने की जिम्मेदारी ली थी वह तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बना था।

मुंबई पुलिस की तरफ से भेजे गए इस पत्र में लिखा था कि वह किसने बनाया इसकी जांच की जाए। मुंबई पुलिस ने एनआईए सहित दिल्ली पुलिस को बताया कि तकनीकी जांच और विश्लेषण में पाया गया कि फोन के जरिए इंटरनेट का प्रयोग किया गया था। इस संबंध में आईटी जांच के मुताबिक मेल 26 फरवरी को भेजा गया था। इंटरनेट मीडिया टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मेल भेजा गया था। बता दें कि गृह मंत्रालय के आदेशों के बाद इस मामले को एनआईए ने अपने हाथों में ले लिया था।

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