Pegasus: सुप्रिया श्रीनेत ने नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना- चाहिए था PM मिल गए जग्गा जासूस

 
Pegasus: सुप्रिया श्रीनेत ने नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना- चाहिए था PM मिल गए जग्गा जासूस

NewzBox Desk: Pegasus Controversy: दुनियाभर के 16 अन्य मीडिया सहयोगियों के साथ मिलकर द पेगासस प्रोजेक्ट नाम (The Pegasus Project) से जांच रिपोर्ट जारी की है। इसमें दावा किया गया है कि प्राइवेट इज़राइली सॉफ्टवेयर पेगासस (Pegasus Spyware) का इस्तेमाल फोन टैप करने में किया गया है। जिसमें भारत के भी पत्रकार व कुछ नामचीन व्यक्ति शामिल है। 

इसी मुद्दे पर विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt) को घेरने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Congress Spokesperson Supriya Shrinate) ने पीएम मोदी (PM Modi) पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि चाहिए था प्रधानमंत्री मिल गए जग्गा जासूस।

कांग्रेस प्रवक्ता (Congress Spokesperson Supriya Shrinate) के इस ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। @DrDr13964517 टि्वटर हैंडल से लिखा गया कि काहे का जग्गा जासूस है फुग्गा जासूस है। पता लगते ही हवा निकल गयी। अब चौतरफा झूठ बोल कर बचाव किया जा रहा है। एक टि्वटर यूजर ने बीजेपी के लिए लिखा कि जब अंग्रेज थे तब भी जासूसी इनका धंधा था। आज जब नही है तब भी जासूसी का धंधा जारी है सुधरोगे कब? 

एक ट्विटर अकाउंट से कमेंट किया गया कि, मोदी जी जानते हैं कि वो हर काम जनता के खिलाफ़ कर रहे हैं। अपने दोस्त पूंजीपति लोगों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए इसलिए वो सबको शक की नज़र से देखते हैं, उनको डर लगता है कि कहीं उनके खिलाफ़ साज़िश तो नहीं हो रही है सबसे बड़ा कारण चौकीदार डरपोक है, कायर है। 

सुप्रिया श्रीनेत के ट्वीट पर आलोक प्रसाद दुबे नाम के एक ट्विटर यूजर लिखते हैं कि धन्य है जग्गा जासूस ही चाहिए था भारत को। हमने मोदी के नाम पर वोट करके कोई गलती नहीं की। सुना है जासूस बड़े खतरनाक होते है देश द्रोहियों को उनकी औकात बता देते हैं। लगता है कांग्रेस और विपक्ष को उनकी औकात बता दी मोदी जी ने इसलिए आज दोनों सदनों में फड़फड़ा रहे थे। 

एक ट्विटर यूजर लिखते हैं कि दम है तो राहुल गांधी के फोन का जल्दी से जल्दी फ़ोरेंसिक जांच कराइए। और अपनी पार्टी के बचे कूचे सांसदों को बोलिए कि हूँ-हल्ला कर संसद में देश के पैसे को बर्बाद न करें। क्योंकि वह पैसे देश के है दहेज के नही। @APSingh_19 अकाउंट से सुप्रिया श्रीनेत की बात पर समर्थन जताते हुए लिखा गया कि इतना सब कुछ मैनेज करने के बाद भी इतनी जासूसी की ज़रूरत पड़ रही है।


एक अकाउंट से कमेंट आया कि, अब देश को भी समझ नहीं आता कि यह आदमी है या बहरूपिया ? कभी चाय वाला, कभी चौकीदार और अभी जग्गा जासूस। हीर सिंह राजपुरोहित नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं कि चाहिए था सार्थक बहस करने वाला विपक्ष और मिल गई देशद्रोहियों की जमात।",

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