लोकसभा में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल, कभी नहीं होगा भारतीय रेलवे का निजीकरण

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय रेलवे का कभी भी निजीकरण (Railway Privatisation) नहीं होगा।
 
लोकसभा में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल, कभी नहीं होगा भारतीय रेलवे का निजीकरण

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय रेलवे का कभी भी निजीकरण (Railway Privatisation) नहीं होगा। लोकसभा में बोलते हुए गोयल ने हालांकि कहा कि बेहतर सुविधाओं के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 

दरअसल, रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने कहा कि दो साल में रेल दुर्घटना के कारण किसी भी यात्री की जान नहीं गई। रेलवे (Railway Privatisation) का पूरा ध्यान यात्री सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के एक साथ काम करने से देश उच्च विकास की ओर बढ़ सकता है और रोजगार के अधिक अवसर पैदा कर सकता है।

विपक्ष पर जताई नाराजगी

रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने कहा कि कई सांसद निजीकरण (Railway Privatisation) और कॉर्पोरेटाइजेशन का रेलवे पर आरोप लगाते हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। भारतीय रेलवे का निजीकरण कभी नहीं होगा। यह हर भारतीय की संपत्ति है और रहेगी। यह भारत सरकार के पास रहेगा। गोयल ने कहा कि हम पर रेलवे के निजीकरण का आरोप लगाया गया है, लेकिन लोग कभी यह नहीं कहते हैं कि केवल सरकार के वाहनों को सड़कों पर चलना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह के वाहन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। रेलवे में निजी निवेश का हमें स्वागत करना चाहिए क्योंकि इससे सेवाओं में सुधार होगा।

गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने कहा कि मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2021-22 के वित्त वर्ष में रेलवे में 2.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने आगे कहा कि हम यात्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो वर्षों में किसी भी यात्री की मृत्यु नहीं हुई है। ट्रेन (Railway Privatisation) दुर्घटना के कारण अंतिम मौत मार्च 2019 में हुई थी।

गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने बताया कि लगभग 1,000 रेलवे स्टेशनों और 400 रेलवे भवनों पर सौर पैनल लगाए गए हैं। 2030 तक, भारत 'नेट जीरो कार्बन एमिशन रेलवे' वाला दुनिया का पहला देश होगा। लोगों ने लॉकडाउन की आलोचना की, लेकिन यह सही नहीं है। ट्रेन सेवाओं को जारी रखने से देश भर में कोरोना फैलता। लगभग 2 करोड़ मुफ्त भोजन और पानी की बोतलों के वितरण के साथ प्रवासी मजदूरों के लिए रेलवे ने लगभग 4,600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की।

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