PM मोदी का ऐलान, 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को लगेगी मुफ्त वैक्सीन.. नवंबर तक फ्री राशन

कोरोना काल के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित (PM Modi address to nation) किया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने दो बड़े ऐलान किए। इसके तहत 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन का उन्होंने ऐलान किया।
 
 PM मोदी का ऐलान, 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को लगेगी मुफ्त वैक्सीन.. नवंबर तक फ्री राशन
नई दिल्ली। कोरोना काल के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित (PM Modi address to nation) किया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने दो बड़े ऐलान किए। इसके तहत 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन का उन्होंने ऐलान किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने मुफ्त राशन को नवंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया है। बता दें कि कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह नौंवा संबोधन था। 

शाम 5 बजे देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi address to nation) ने कहा कि अप्रैल और मई के महीने में ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई। भारत में कभी इतनी मात्रा में इतनी ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे। ऑक्सीजन रेल, एयरफोर्स, नौसेना को लगाया गया। लिक्विड ऑक्सीजन के प्रोडक्शन में 10 गुना ज्यादा बढ़ोतरी बहुत कम समय में हो गई।

वैक्सीनेशन के लिए मिशन मोड में काम 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा (PM Modi address to nation) कि 2014 में देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60% के आसपास था। हमारी नजर में ये चिंता की बात थी। जिस रफ्तार से भारत का टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा था, उस रफ्तार से देश को शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज हासिल करने में 40 साल लग जाते। हमने इस समस्या के समाधान के लिए मिशन इंद्रधनुष को लॉन्च किया है। हमने तय किया कि इस मिशन के माध्यम से युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन किया जाएगा और देश में जिसको भी वैक्सीनेशन की जरूरत है। उसे वैक्सीन देने का प्रयास होगा। हमने मिशन मोड में काम किया।

वैक्सीन ही सुरक्षा कवच 

प्रधानमंत्री ने कहा (PM Modi address to nation) कि कोरोना से इस लड़ाई में वैक्सीन सुरक्षा कवच की तरह है। पूरी दुनिया में वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां गिनी-चुनी हैं। अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो भारत जैसे विशाल देश में क्या होता। पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन हासिल करने में दशकों लग जाते थे। वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था, तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था। पोलियो, स्मॉल पॉक्स, हैपेटाइटिस बी की वैक्सीन के लिए देशवासियों ने दशकों तक इंतजार किया था।

एक साल में बनाई दो देसी वैक्सीन

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi address to nation) ने कहा कि हमने 5-7 साल में ही वैक्सीनेशन कवरेज 60% से बढ़ाकर 90% तक पहुंचा दिया। हमने वैक्सीनेशन की स्पीड और दायरा दोनों बढ़ा दिया। बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए कई नए टीकों को अभियान का हिस्सा बनाया। हमें हमारे देश के बच्चों की चिंता थी, गरीब की चिंता थी, गरीब के बच्चों की चिंता थी, जिन्हें कभी टीका लग ही नहीं पाया। हम सही तरह से आगे बढ़ रहे थे कि कोरोना वायरस ने हमें घेर लिया। 

उन्होंने कहा कि देश ही नहीं दुनिया के सामने फिर पुरानी आशंकाएं घिरने लगीं कि भारत कैसे इतनी बड़ी आबादी को बचा पाएगा। जब नीयत साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है और निरंतर परिश्रम होता है तो नतीजे भी मिलते हैं। हर आशंका को दरकिनार करके भारत में एक साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन लॉन्च कर दी।

भारत किसी से पीछे नहीं 

पीएम मोदी (PM Modi address to nation) ने कहा कि हमारे देश के वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नहीं है। आज जब बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज दी जा चुकी है। हमारे यहां कहा जाता है कि विश्वासेन सिद्धि यानी हमारे प्रयासों से सफलता तब मिलती है जब हमें स्वयं पर विश्वास होता है। हमें पूरा विश्वास था कि हमारे वैज्ञानिक बहुत ही कम समय में वैक्सीन बनाने में सफलता हासिल कर लेंगे। इसी विश्वास के चलते जब हमारे वैज्ञानिक अपना रिसर्च वर्क कर रहे थे, तभी हमने तैयारियां कर ली थीं।

जल्द बढ़ेगी वैक्सीन की सप्लाई

पीएम मोदी (PM Modi address to nation) ने कहा कि पिछले साल अप्रैल में जब कोरोना के कुछ हजार केस थे, तभी हमने वैक्सीन टास्क फोर्स का गठन कर दिया था। भारत के लिए वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को हर तरह से सपोर्ट किया। वैक्सीन निर्माताओं को क्लीनिकल ट्रायल में मदद की गई। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए जरूरी फंड दिया गया। हर स्तर पर सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चली। आत्मनिर्भर पैकेज के तहत मिशन कोविड सुरक्षा के जरिए हजारों करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए। पिछले कई समय से देश जो लगातार प्रयास कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ने वाली है।

भारत सरकार उठाएगी वैक्सीनेशन की पूरी जिम्मेदारी

पीएम मोदी (PM Modi address to nation) ने वैक्सीनेशन नीति का ऐलान करते हुए कहा कि अब वैक्सीनेशन की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार उठाएगी। पीएम मोदी ने कहा, आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी।

प्रधानमंत्री (PM Modi address to nation) ने कहा कि इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला। सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था। देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे। इस बीच, कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए। तरह-तरह के स्वर उठे। जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए आयु समूह क्यों बनाए गए?

 

उन्होंने कहा, दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं। पूछा जाने लगा, सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही। इसी के चलते राज्यों को भी वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी दी गई। अब केंद्र सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।

पीएम मोदी ने कहा, देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है। अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे। सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी 21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी।

कोरोना काल में कोई भूखा ना सोए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi address to nation) ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान केंद्र सरकार ने देश के 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मई और जून में मुफ्त राशन देने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में कोई गरीब भूखा ना सोए, इसलिए मुफ्त राशन योजना को दीपावली यानि नवंबर तक बढ़ाया जा रहा है।


 

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