Politics Raw: सुलह, सस्पेंस, वार, पलटवार... दिल्ली से कर्नाटक तक आज चला सियासी संग्राम

 
Politics Raw: सुलह, सस्पेंस, वार, पलटवार... दिल्ली से कर्नाटक तक आज चला सियासी संग्राम

NewzBox Desk: राजधानी दिल्ली में सियासत को लेकर शनिवार (Political Crisis) का दिन काफी अहम रहा। कांग्रेस के पंजाब (Punjab Congress) संकट को लेकर लगातार राजनीतिक हलचल रही। पंजाब सीएम अमरिंदर सिंह (Cm Amrinder) और सिद्धू (Navjot Sidhu) में से बाजी किसके हाथ लगेगी। इस पर लगातार अटकलें लगाई जाती रही। इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा दिल्ली पहुंचे। 

खबर आई की येदियुरप्पा (Yediurappa) किसी भी समय इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह से नकार दिया। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक विश्लेषकों को चर्चा का नया मुद्दा दे दिया। यूपी में प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Vadra) के दौरे का असर दिल्ली तक देखने को मिला।

क्या कैप्टन पर भारी पड़ जाएगा 'खिलाड़ी'

पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बनाम नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद कांग्रेस आलाकमान के लिए सिरदर्द से कम नहीं रहा है। पूर्व मत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शनिवार को इस विवाद में अहम मोड़ देखने को मिला। सिद्धू ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ से उनके पंचकूला स्थित आवास में मुलाकात की। दोनों नेताओं के आपस में गले मिलते तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर को लेकर कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो गया।

सिद्धू और जाखड़ के गले मिलने की तस्वीरों के सामने आने के बाद सिद्धू के कैप्टन के खिलाफ जंग में बाजी मार लेने के कयास लगने लगे हैं। इस बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत भी चंडीगढ़ पहुंचे। चर्चा है कि वह कैप्टन को पार्टी के फॉर्म्युले पर मनाने की कोशिश करेंगे। इससे पहले सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की सुगबुगाहट के बीच कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को पत्र लिख अपना विरोध भी जताया था। कैप्टन ने आग्रह किया कि सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की संभावना पर प्रतिकूल प्रभाव होगा।

पीएम मोदी की शरद पवार से मुलाकात सियासी मायने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार की दिल्ली में शनिवार मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मॉनसून सत्र से पहले शरद पवार की इस मुलाकात को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में चल रही सियासी उठापटक के बीच पीएम मोदी से एनसीपी चीफ शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

महाराष्ट्र के सियासी भविष्य को लेकर भी तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पिछले दिनों ही शरद पवार को विपक्ष की ओर राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की खबर आई। हालांकि शरद पवार ने खुद इस तरह की खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया था। शरद पवार ने कहा था कि यह बिल्कुल गलत है कि मैं राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनूंगा। मुझे पता है कि जिस पार्टी के पास 300 से ज्यादा सांसद हैं, उसे देखते हुए क्या नतीजा होगा।

क्या येदियुरप्पा देंगे इस्तीफा, तो कौन होगा अगला सीएम

उत्तराखंड के बाद अब कर्नाटक बीजेपी में हलचल मची हुई है। खबर है कि कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा जल्द ही अपनी कुर्सी छोड़ सकते हैं। हालांकि, येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया है। सीएम ने ऐसी खबरों को अफवाह करार देते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़ी बातें की। इस्तीफा देने की खबरों में कोई भी सच्चाई नहीं है। बीएस येदियुरप्पा इस्तीफे की बात से भले ही नकार रहे हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी आलाकमान उनकी सेहत और उम्र को देखते हुए इस्तीफा चाहती है।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि येदियुरप्पा ने इस्तीफे की पेशकश भी की है। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में वह कुर्सी छोड़ सकते हैं। चर्चा इस बात की भी है कि येदियुरप्पा केंद्रीय कैबिनेट में बेटे के लिए पद चाहते हैं। येदियुरप्पा के इस्तीफे की अटकलों के बीच कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसके भी कयास लगाए जाने लगे हैं। फिलहाल तो केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष का नाम सबसे आगे चल रहा है। जोशी उत्तर कर्नाटक सीट से सांसद हैं और केंद्र की मोदी कैबिनेट में शामिल भी हैं। वहीं संतोष बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हैं। इनके अलावा डिप्टी सीएम लक्ष्मण सवदी, बीजेपी नेता मुर्गेश निराणी और वसवराज एतनाल भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं।

प्रियंका ने यूपी में मौन से दिया सीएम योगी को संदेश

विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही यूपी की राजनीति अब नई करवट लेने लगी है। इस पूरी घटना में कांग्रेस अब अधिक सक्रिय नजर आ रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपने तीन दिन के दौरे पर यूपी पहुंच गई हैं। प्रियंका ने दो घंटे के मौन व्रत से योगी सरकार को संदेश दिया तो ऐसा लगा कि कांग्रेस की रणनीति में अब ट्विस्ट आ गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखनऊ के लखीमपुर खीरी में समाजवादी पार्टी की रीतू सिंह और अनीता यादव से मुलाकात की जिनके साथ ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन में दुर्व्यवहार किया गया था।

प्रियंका ने कहा कि नामांकन पत्र भरना और चुनाव लड़ना उनका संवैधानिक हक था, ये अधिकार उनसे छीना गया। मैं मांग करती हूं कि चुनाव रद्द हो और यहां दोबारा से चुनाव हो। राज्य में हाशिए पर पहुंच चुकी कांग्रेस को प्रियंका एक बार फिर से जीवंत करने का लगातार प्रयास कर रही हैं। वह यूपी और बीजेपी सरकार को निशाने पर ले रही हैं। हर बार यूपी दौरे पर आकर वह सरकार की चिंता बढ़ा रही हैं। प्रियंका लगातार यूपी में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा का मुद्दा उठा रही हैं।

FROM AROUND THE WEB