राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा वार, कहा-सद्दाम हुसैन और गद्दाफी भी चुनाव जीते थे

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi Congress) ने लोकतंत्र के बहाने एक बार फिर तानाशाहों से पीएम मोदी की तुलना की है।
 
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा वार, कहा-सद्दाम हुसैन और गद्दाफी भी चुनाव जीते थे

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi Congress) ने लोकतंत्र के बहाने एक बार फिर तानाशाहों से पीएम मोदी की तुलना की है। केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन और लीबिया के मुअम्मर गद्दाफी भी चुनाव जीतते थे। राहुल गांधी ने यह बयान अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ ऑनलाइन बातचीत दिया।

क्या बोले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी (Rahul Gandhi Congress) ने कहा कि सद्दाम हुसैन, गद्दाफी भी चुनाव करवाते थे उन्हें जीतते थे। ऐसा नहीं था कि लोग वोटिंग नहीं करते थे, लेकिन उस वोट की सुरक्षा के लिए कोई संस्थागत ढांचा नहीं होता था। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव सिर्फ यह नहीं है कि लोग जाएं वोटिंग मशीन पर बटन दबा दें। चुनाव संस्था हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि देश में ढांचा ठीक से चल रहा है। चुनाव वह है कि न्यायपालिका निष्पक्ष हो संसद में बहस हो, इसलिए वोटों के लिए ये चीजें जरूरी हैं।

प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ बातचीत में राहुल (Rahul Gandhi Congress) ने यह दावा भी किया कि अगर कोई फेसबुक वॉट्सऐप को नियंत्रित कर सकता है तो फिर लोकतंत्र नष्ट हो सकता है। उनसे अमेरिकी संस्था 'फ्रीडम हॉउस' स्वीडन की संस्था 'वी डेम इंस्टिट्यूट' की भारत के संदर्भ में की गई हालिया टिप्पणी के बारे में सवाल किया गया था।

केंद्रीय मंत्रियों ने किया पलटवार

राहुल गांधी (Rahul Gandhi Congress) के इस बयान के बाद  इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी की बातों पर टिप्पणी करना बेकार है, क्योंकि वे विचार से नहीं करते। पता नहीं वे किस ग्रह पर रहते हैं। देश के लोकतंत्र की तुलना गद्दाफी सद्दाम हुसैन से करना जनता का अपमान है। गद्दाफी सद्दाम जैसा इस देश में 1975 से 77 केवल 2 ही साल हुआ। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मुझे लगता है राहुल गांधी को भी पार्टी इजाजत नहीं दे रही। वे कुछ भी बोलते रहते हैं। उनकी बात पर जवाब देना बंद कर देना चाहिए।

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