पीएम मोदी के भाषण पर गलत टिप्पणी पड़ी भारी, सार्वजनिक रूप से शशि थरूर ने मांगी माफी

वरिष्ठ  कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पीएम मोदी के बयान को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद शुरू होने के बाद माफी मांग ली है।
 
पीएम मोदी के भाषण पर गलत टिप्पणी पड़ी भारी, सार्वजनिक रूप से शशि थरूर ने मांगी माफी

नई दिल्ली। वरिष्ठ  कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पीएम मोदी के बयान को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद शुरू होने के बाद माफी मांग ली है। दरअसल, बांग्लादेश की यात्रा पर गए पीएम मोदी ने कल पड़ोसी देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा था कि  बांग्लादेश की आजादी के लिए मैंने भी सत्याग्रह किया था। इसपर प्रधानमंत्री के भाषण पर शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने आपत्ति जताते हुए ट्वीट किया कि सब जानते हैं कि बांग्लादेश को किसने आजाद कराया है। 

दरअसल, शशि थरूर (Shashi Tharoor) को लगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश (Modi in Bangladesh) की आजादी के योगदान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र ही नहीं किया। हालांकि, जब बाद में शशि थरूर को पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी ने इंदिरा गांधी का जिक्र किया था तो उन्होंने ट्वीट करके इस बारे में दिए गए बयान पर माफी मांग ली। इस संबंध में शशि थरूर ने लिखा कि सॉरी! जब मैं गलत होता हूं तो इसको स्वीकारने में मुझको बुरा नहीं लगता है।


क्या बोले थे PM मोदी

गौरतलब है कि नेशनल परेड स्क्वायर पर बांग्लादेश की आजादी की स्वर्ण जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी (Modi in Bangladesh) ने शुक्रवार को कहा था कि बांग्लादेश की आजादी के संघर्ष में मुझे भी शामिल होने का अवसर मिला था। यह मेरे जीवन के भी पहले आंदोलनों में से एक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उस वक्त मेरी उम्र 20-22 साल रही होगी। मैंने अपने कुछ दोस्तों के साथ बांग्लादेश के लोगों की आजादी के लिए सत्याग्रह किया था और समर्थन में गिरफ्तारी दी थी।

इंदिरा जी के भूमिका पूरी दुनिया जानती है

प्रधानमंत्री मोदी (Modi in Bangladesh) ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि आज बंगबंधु के योगदान को याद करने का दिन है। बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के लिए भारत के कोने-कोने से समाज के हर वर्ग ने समर्थन दिया था। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयास और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को पूरी दुनिया जानती है। उसी दौर में 6 दिसंबर 1971 को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि हम इतिहास को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं।

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