पीएम मोदी का बांग्लादेश दौरा बंगाल में सियासी फसल काटने की कोशिश: शिवसेना 

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे पर शिवसेना (Shivsena questions on modi bangladesh visit) ने सवाल उठाए हैं।
 

नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे पर शिवसेना (Shivsena questions on modi bangladesh visit) ने सवाल उठाए हैं। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे की आलोचना की। सामना में प्रधानमंत्री के बांग्लादेश दौरे को बंगाल की सियासत से जोड़ते हुए इसे चुनावी फसल को काटने की कोशिश भर बताया गया है

शिवसेना (Shivsena questions on modi bangladesh visit) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित एडिटोरियल में लिखा गया, यह तस्वीर पश्चिम बंगाल के हिंदू मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए ही हो सकता है। उत्तर प्रदेश में जब पहले चरण का मतदान चल रहा था, उस समय मोदी नेपाल के मंदिर में थे, वहीं पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर मोदी पश्चिम बंगाल की सीमा पर बांग्लादेश के मंदिर में थे, यह संयोग कतई नहीं है। 

सामना में आगे लिखा गया (Shivsena questions on modi bangladesh visit) कि मोदी ने बांग्लादेश सरकार से 51 शक्तिपीठों में शामिल जशोरेश्वरी काली माता मंदिर में दर्शन करने की इच्छा व्यक्त की थी। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने मंदिर को सजा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने उस मंदिर की देवी को वस्त्रालंकार अर्पण किया। एक मुस्लिम देश के मंदिर में हिंदुस्तानी प्रधानमंत्री द्वारा अधिकृत रूप से दर्शन करने जाना मोदी प्रेमियों को अवश्य रोमांचित कर सकता है।

संपादकीय में आगे लिखा (Shivsena questions on modi bangladesh visit) गया कि राजनीतिक दृष्टि से अति जागरूक मोदी जैसे दूसरे प्रधानमंत्री देश के इतिहास में नहीं हुए होंगे। इसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को भाजपा अर्थात प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है तथा इसके लिए कुछ भी कर गुजरने की उनकी तैयारी है। पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में 'बांग्लादेशी' घुस आए हैं। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की भाषा एक ही है। पश्चिम बंगाल की बड़ी आबादी के रिश्तेदार बांग्लादेश में हैं। इंदिरा गांधी के शौर्य और पराक्रम के कारण बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इंदिरा गांधी ने युद्ध की घोषणा करके पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए।

FROM AROUND THE WEB