सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ चौंकाने वाला खुलासा, चीन बना रहा रहस्यमय 'Area 51'

सैटेलाइट तस्वीरों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चीन शिनजियांग के लोप नूर में एक सीक्रेट एयरबेस (Area 51) को तेजी से विकसित कर रहा है।
 
सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ चौंकाने वाला खुलासा, चीन बना रहा रहस्यमय 'Area 51'

नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पिछले कुछ दिनों से हल्का जरूर पड़ा है, लेकिन दोनों ही देश अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में चीन ने भारत के साथ लगती सीमा के आसपास कई एयरबेस विकसित किए हैं। इस बीच सैटेलाइट तस्वीरों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चीन शिनजियांग के लोप नूर में एक सीक्रेट एयरबेस (Area 51) को तेजी से विकसित कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक इस एयरबेस से जुड़ी जानकारियां इतनी गोपनीय हैं कि इसे चीन का एरिया-51 (Area 51) नाम दिया गया है। यह एयरबेस भारत के लेह एयर बेस से मात्र 1300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

दरअसल, एक कॉमर्शियल सैटेलाइट से हाल ही में ली गई तस्वीरों से पता चला है कि चीन इस एयरबेस को 2016 से ही तेजी से विकसित कर रहा है। अमेरिका की एनजीओ मीडिया ऑर्गनाइजेशन एनपीआर ने मैक्सार टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर चीन के इस सीक्रेट एयर बेस (Area 51) से जुड़ी कई जानकारियां साझा की है।

सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि चीन ने बरसों से वीरान पड़े इस एयरबेस (Area 51) को फिर से विकसित करना शुरू किया है। इस बेस की हवाई पट्टी को 4.8 किलोमीटर लंबा किया गया है, जिससे बड़े जहाज स्पेसशिप भी आसानी से लैंड हो जाए।

कुछ बड़ा करने की तैयारी में है चीन

जानकारों का कहना है कि चीन कुछ बड़ा करने की फिराक में है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले साल सितंबर में चीनी अंतरिक्ष विमान की लैंडिंग के अलावा इस रनवे (Area 51) पर कोई खास एक्टिविटी नहीं देखी गई है। इस एयरबेस के एक छोर पर कुछ माड्यूलर ट्रेलर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अब एयरबेस पर गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही है।

एयरबेस पर स्पेस प्लेन भी उतरा

इस एयरबेस (Area 51) को लेकर ड्रैगन के क्या इरादे हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोप नूर के इस एयरस्ट्रिप के पास एक दर्जन से अधिक कंक्रीट की बिल्डिंग भी बनती दिखाई दी हैं। लोप नूर चीन का पुराना परमाणु परीक्षण स्थल है। 2020 में कई ऑब्जवर्स ने दावा किया था कि चीन ने एक हाइली क्लासिफाइड स्पेस प्लेन को इस एयरबेस पर उतारा था।

अमेरिका की तर्ज पर बन रहा एरिया-51

चीन जिस एरिया-51 (Area 51) का निर्माण कर रहा है उसी तरह का निर्माण अमेरिका पहले कर चुका है। बताया तो यहां तक जाता है कि अमेरिका ने अपने एरिया-51 में एलियन छिपा रखा है। पहले तो अमेरिकी सरकार एरिया 51 के अस्तित्व को ही नकारती रही है, फिर बाद में इसको स्वीकार किया। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि अमेरिका ने उड़न तश्तरी का परीक्षण किया गया था। इस क्षेत्र में किसी भी आम आदमी के जाने पर पाबंदी है।

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