सोमनाथ मंदिर के पास मौलाना ने पढ़े महमूद गजनवी की तारीफ में कसीदे, वीडियो वायरल होते ही हुआ गिरफ्तार

गुजरात के सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) से कुछ दूरी पर खड़े होकर महमूद गजनवी (Mehmood Ghaznavi) की तारीफ में कसीदे पढ़ना एक मौलाना को महंगा पड़ गया।
 
सोमनाथ मंदिर के पास मौलाना ने पढ़े महमूद गजनवी की तारीफ में कसीदे, वीडियो वायरल होते ही हुआ गिरफ्तार

अहमदाबाद। गुजरात के सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) से कुछ दूरी पर खड़े होकर महमूद गजनवी (Mehmood Ghaznavi) की तारीफ में कसीदे पढ़ना एक मौलाना को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार मौलाना हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है। सोमनाथ ट्रस्ट प्रबंधक की शिकायत के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

दरअसल, हरियाणा के रहने वाले मौलाना इरशाद रशीद ने सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) को लूटने वाले महमूद गजनवी (Mehmood Ghaznavi) को इस्लाम का नेक इंसान बताते हुए वीडियो मंदिर से कुछ दूरी पर खड़े होकर बनाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो में मौलाना इरशाद रशीद कह रहा है कि आज गजनवी को चोर-लुटेरा कहा जाता है, लेकिन वह इस्लाम का गौरव है।

सोमनाथ ट्रस्ट ने दर्ज कराई थी शिकायत

वीडियो वायरल होने के बाद सोमनाथ ट्रस्ट (Somnath Temple) के प्रबंधक विजय सिंह चावडा ने इस संबंध में पुलिस को एक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मौलाना पानीपत से गिरफ्तार कर लिया। इरशाद ने जो वीडियो वायरल किया, उसमें वह समुद्र किनारे खड़े होकर सोमनाथ मंदिर की तरफ इशारा करते हुए कहते दिख रहा है कि यह वही मंदिर है, जिसे महमूद गजनवी (Mehmood Ghaznavi)  व मुहम्मद कासिम ने फतह किया था। कासिम ने अपनी सेना के साथ भारत पर जीत हासिल की थी। यह वही समुद्र है जो भारत को पाकिस्तान से जोड़ता है। गजनवी को इस्लाम का नाम रोशन करने वाला और महान पुरुष बताते हुए इरशाद ने आगे कहा कि उसके इतिहास को पढ़ना व पढ़ाना चाहिए।

विवाद बढ़ा पर दी सफाई

जब इस वीडियो पर विवाद बढ़ने लगा तो इरशाद सफाई देने लगा और उसने कहा कि मैं 4 मई, 2019 को गुजरात गया था। सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) भी घूमने गया था, तभी मैंने यह वीडियो बनाया था। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने मौलाना के खिलाफ शिकायत की तो उसने दूसरा वीडियो बनाकर जारी कर दिया था कि कहा कि मेरी बातों को गलत अर्थ निकाला जा रहा है।

दूसरे वीडियो में वह कहते दिखता है कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा सब पूजा स्थल हैं। बस सबके तरीके अलग-अलग हैं। उसका मकसद मंदिर का अपमान करना या किसी की भावना को आहत करना बिल्कुल भी नहीं था। गौरतलब है कि महमूद गजनवी (Mehmood Ghaznavi)  को महान व्यक्ति बताने वाला मौलाना इरशाद रशीद पानीपत में कुटानी रोड पर मदरसे में पढ़ाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके आसपास के लोग हैरान नहीं है, क्योंकि उनका कहना है कि वह वाट्सएप और फेसबुक पर ऐसी आपत्तिजनक बातचीत करता रहता था।

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