पश्चिम बंगाल के गवर्नर का आरोप, राजभवन की सुरक्षा में लगी सेंध, मेरे और परिवार पर था खतरा

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ (Governer Jagdeep Dhankad) ने राजभवन की सुरक्षा में सेंध लगने का आरोप लगाया है। उनकी ओर से इस संबंध में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर शिकायत की गई है।
 
पश्चिम बंगाल के गवर्नर का आरोप, राजभवन की सुरक्षा में लगी सेंध, मेरे और परिवार पर था खतरा

कोलाकाता। पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ (Governer Jagdeep Dhankad) ने राजभवन की सुरक्षा में सेंध लगने का आरोप लगाया है। उनकी ओर से इस संबंध में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर शिकायत की गई है। यही नहीं गवर्नर ने कमिश्नर से इस संबंध में एक्शन को लेकर रिपोर्ट भी तलब की है। 

गवर्नर ऑफिस (Governer Jagdeep Dhankad) की ओर से जारी बयान में बताया गया है, मंगलवार को राजभवन की सुरक्षा में दो बार सेंध लगी थी। उसके नॉर्थ गेट से कुछ उपद्रवी तत्व घुस आए थे। इस संबंध में वीडियो क्लिप्स को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर के साथ शेयर किया गया है। इन घटनाओं और पुलिस की ओर से लिए गए एक्शन के बारे में कमिश्नर से बुधवार शाम 5 बजे तक रिपोर्ट तलब की गई है।


गवर्नर (Governer Jagdeep Dhankad) ने अपने पत्र में लिखा है कि मैंने यह देखा है कि कल दो बार राजभवन की सुरक्षा से खिलवाड़ के हालात पैदा हो गए। बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी होने के बाद भी लगातार दो घंटे तक बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करते रहे। इन लोगों ने राज्य के संवैधानिक मुखिया के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी की। यह हेड ऑफ स्टेट की गरिमा और सम्मान के खिलाफ है। यही नहीं गवर्नर ने कहा कि इन लोगों ने नॉर्थ गेट को ब्लॉक कर दिया था और कोई वहां से आ या जा नहीं सकता था। इससे राजभवन की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। यही नहीं यह राज्यपाल और उनके परिवार की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक था। 

यही नहीं गवर्नर (Governer Jagdeep Dhankad) ने कहा कि राजभवन के बाहर इस तरह के प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने खड़े रहे। जगदीप धनखड़ (Governer Jagdeep Dhankad) ने कहा कि इस दौरान पुलिस अधिकारी कोई भी एक्शन लेते नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि यह कोई छिपा तथ्य नहीं है कि राजभवन का परिसर और उसके आसपास का इलाका धारा 144 के तहत आता है। इसके बाद भी यहां बड़ी संख्या में लोग जुटे और आपत्तिजनक नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। अराजक तत्वों को इस तरह का फ्रीहैंड दिया जाना चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 

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