4 महीने भी टिक नहीं पाई तीरथ सिंह रावत की कुर्सी, उत्तराखंड को आज मिलेगा नया सीएम

उत्तराखंड में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। दरअसल, नाटकीय घटनाक्रम के तहत शुक्रवार देर रात सीएम तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
 
4 महीने भी टिक नहीं पाई तीरथ सिंह रावत की कुर्सी, उत्तराखंड को आज मिलेगा नया सीएम

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। दरअसल, नाटकीय घटनाक्रम के तहत शुक्रवार देर रात सीएम तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद आज दोपहर उत्तराखंड विधायक दल की बैठक होगी जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। विधायक दल की बैठक के लिए दिल्ली से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर देहरादून पहुंच गए हैं। 

बता दें कि गत 10 मार्च को ही उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद संभालने वाले तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) ने शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। तीरथ सिंह रावत ने राज्यपाल के पास इस्तीफा सौंपने से पहले ही अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी।

क्या है वजह

पिछले तीन दिनों से दिल्ली में रुके तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) को शुक्रवार दोपहर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके विधानसभा उप चुनाव में आ रही संवैधानिक अड़चन की जानकारी देते हुए साफ कर दिया कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। इसके बाद तीरथ ने इस्तीफे की पेशकश का पत्र सौंप देहरादून लौट आए। 

रात सवा 11 बजे सीएम तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) ने राजभवन जाकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर करते हुए नए मुख्यमंत्री के कार्यभार संभालने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा। नया नेता चुनने के लिए भाजपा विधायक दल की बैठक शनिवार दोपहर तीन बजे देहरादून में बुलाई गई है। यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार नए नेता का चयन विधायकों में से ही किया जाएगा।

तीरथ सिंह रावत की भी नाटकीय विदाई

बता दें कि मार्च में जिस तरह नाटकीय और अप्रत्याशित तरीके से मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा, कुछ वैसा ही तीरथ सिंह रावत के साथ भी हुआ। 17 जून को ही अपने कार्यकाल के सौ दिन पूरे करने वाले तीरथ को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उप चुनाव लड़ने का मौका न मिल पाने के कारण उन्हें इतनी जल्दी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। 

संवैधानिक अड़चन के कारण छोड़ना पड़ा पद

रामनगर में तीन दिन तक चले चिंतन शिविर के बाद भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) को दिल्ली तलब कर लिया था। इस तरह अचानक आए बुलावे से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया। बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे तीरथ ने गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद तीरथ अपने दिल्ली स्थित आवास चले गए। उन्हें गुरुवार को लौटना था, लेकिन पार्टी ने उन्हें दिल्ली में ही रुकने को कहा। 

शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) फिर अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। यहां लगभग आधा घंटे चली मुलाकात के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि उप चुनाव पर निर्वाचन आयोग की रोक के कारण उन्हें पद छोड़ना होगा। इस पर तीरथ ने पार्टी अध्यक्ष को अपने इस्तीफे की पेशकश संबंधी पत्र सौंप दिया।

सीएम की रेस में चल रहे ये नाम

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी संगठन कुछ नामों की सूची तैयार कर चुका है। इन नामों की जानकारी आलाकमान को भी दे दी गई है। आलाकमना से मुहर के बाद नाम का ऐलान किया जा सकता है। 

खबरों की मानें तो अनिल बलूनी बीजेपी के सबसे पॉपुलर चेहरे हैं। सोशल मीडिया में उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग खुलकर उठ रही है। बलूनी का नाम तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) के मुख्यमंत्री बनते वक्त भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल रहा था, लेकिन तब कई राज्यों में जारी चुनावों के कारण उन्हें केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में भेजने से इंकार कर दिया था, लेकिन एक बार फिर बलूनी इस रेस में शामिल हैं। 

वहीं बिशन सिंह चुफाल का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट विधानसभा से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक हैं, साथ ही तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। इससे पहले बिशन सिंह चुफाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पिछली सरकारों में मंत्री भी रह चुके हैं। 

इसके अलावा रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज, श्रीनगर से विधायक धन सिंह रावत, खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी और पहली बार यमकेश्वर से विधायक बनी रितु खंडूरी के अलावा उत्तराखंड की सियासत के चर्चित नामों में से एक हरक सिंह रावत के नाम पर चर्चा चल रही है। हरक काफी अनुभवी राजनेता हैं, इसलिए उनके अनुभव का लाभ बीजेपी को चुनावी साल में मिल सकता है। बहरहाल अब देखना ये है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat resignation) के बाद अब किसे प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाता है।

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