भारत के गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग पूरी, जानिए कैसा होगा देश का पहला मानव मिशन

भारत के पहले मानव मिशन (India First Man Space Mission) को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आ रही है। इसरो के मिशन गगनयान (Gaganyaan) के लिए अंतरिक्ष जाने वाले चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में अपनी एक साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर ली है।
 
 
भारत के गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग पूरी, जानिए कैसा होगा देश का पहला मानव मिशन

नई दिल्ली/मास्को। भारत के पहले मानव मिशन (India First Man Space Mission) को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आ रही है। इसरो के मिशन गगनयान (Gaganyaan) के लिए अंतरिक्ष जाने वाले चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ने रूस में अपनी एक साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। इन अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग के लिए  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रूसी कंपनी ग्लैवकॉसमॉस के बीच एक समझौता हुआ था। भारत की तरफ से अंतरिक्ष में जाने वालों में इंडियन एयरफोर्स के एक ग्रुप कैप्टर और 3 विंग कमांडर शामिल हैं।

पिछले साल शुरू हुई थी ट्रेनिंग

बता दें कि गगनयान (Gaganyaan) के लिए यह ट्रेनिंग 10 फरवरी, 2020 को शुरू हुई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। रूस से लौटने के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री इसरो के डिजाइन किए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल से ट्रेनिंग लेंगे। 

भारत में ट्रेनिंग के तीन मुख्य भाग होंगे। पूरे प्रोजेक्ट पर एक मॉड्यूल, चालक दल के सदस्यों के लिए एक मॉड्यूल और फ्लाइट हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर एक मॉड्यूल होगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों (India First Man Space Mission) को गगनयान (Gaganyaan) के जरिये अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। वायुसेना के इन अधिकारियों को रूस में अंतरिक्ष की परिस्थितियों के अनुसार ढलने की ट्रेनिंग दी गई है। 

गगनयान प्रोजेक्‍ट पर 10 हजार करोड़ रुपए होंगे खर्च

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को लालकिले की प्राचीर से गगनयान (Gaganyaan) मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन (India First Man Space Mission) पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। पिछले साल केंद्रीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी थी। बता दें कि स्‍पेस में जाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन थे, जिन्‍होंने साल 1961 में स्‍पेस की यात्रा की थी। 

देश के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 2 अप्रैल 1984 को रूस के सोयूज टी-11 में बैठकर स्‍पेस की यात्रा की थी। अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला रूस की वेलेन्टिना तरेश्कोवा ने 16 जून 1963 को स्‍पेस की यात्रा की थी। अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला को 1997 में यह मौका मिला था।

भारत के लिए बेहद अहम है मिशन गगनयान 

इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा था कि भारत 2021 में अंतरिक्ष में मानव भेजकर इतिहास रचेगा। इसरो के गगनयान (Gaganyaan) मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि भारत के लिए गगनयान मिशन (India First Man Space Mission) बेहद अहम है। यह देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को बढ़ाएगा। उन्‍होंने बताया था कि चंद्रयान-2 मिशन ने 98 फीसद सफलता हासिल कर ली है। जहां तक प्रौद्योगिकी प्रमाण के मोर्चे की बात है तो इसमें लगभग पूरी तरह सफलता हासिल की गई है।

स्पेस में भारत का पहला मानव मिशन

बता दें कि गगनयान (Gaganyaan) स्पेस में भारत का पहला मानव मिशन (India First Man Space Mission) होगा, जिसे स्वदेशी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 के जरिए अंजाम दिया जाएगा। भारत के लिए यह बेहद जरूरी प्रोजेक्ट है, क्योंकि इसकी सफलता से स्‍पेस के क्षेत्र में इसरो की धाक बढ़ जाएगी। दिसंबर, 2021 में मिशन गगनयान के तहत तीन वैज्ञानिकों की टीम स्‍पेस में भेजी जाएगी। यह टीम कम से कम सात दिन गुजारने के बाद वापस धरती पर लौट आएगी। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, इस परियोजना के लिए 10 पायलटों के चयन का पहला चरण पूरा हो गया है।

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