यूपी ब्लॉक प्रमुख: 825 सीटों पर नामांकन, 19 जिलों में हिंसा, 292 सीटों पर BJP की जीत तय!

 
यूपी ब्लॉक प्रमुख: 825 सीटों पर नामांकन, 19 जिलों में हिंसा, 292 सीटों पर BJP की जीत तय!

NewzBox Desk: यूपी में गुरुवार को ब्लॉक प्रमुख चुनाव (UP Block Pramukh Chunav) के लिए हुए नामांकन के दौरान जमकर बवाल हुआ। सीतापुर के कमलापुर में कसमंडा ब्लॉक के प्रत्याशियों के बीच गोलीबारी हुई और बम चले। 

वहीं, अमरोहा, उन्नाव, बुलंदशहर, अयोध्या, संत कबीर नगर, मैनपुरी, कन्नौज, सिद्धार्थ नगर, आजमगढ़, जौनपुर, गोरखपुर समेत कई जिलों में भी मारपीट व बवाल की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच, बीजेपी ने 292 सीटों पर जीत पक्की होने का दावा किया है। इन सीटों पर एक-एक पर्चा ही दाखिल हुआ है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों में कड़ी सुरक्षा का दावा किया था, लेकिन प्रत्याशियों और समर्थकों की गुंडई के आगे पुलिस की एक नहीं चली। सीतापुर में निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन रोकने को लेकर हुई गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए। एडीजी जोन एसएन साबत ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।

सिद्धार्थनगर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष से पर्चा छीना

सिद्धार्थनगर के इटवा ब्लॉक प्रमुख चुनाव (UP Block Pramukh Chunav) में पत्नी का पर्चा दाखिल करवाने पहुंचे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के हाथ से पर्चा छीनकर फाड़े जाने का आरोप है। इसके बाद बीजेपी-सपा कार्यकर्ताओं के बीच पथराव भी हुआ।

वहीं, बुलंदशहर के स्याना ब्लॉक पर काफी फोर्स होने के बावजूद BJP के घोषित और अघोषित महिला प्रत्याशियों के समर्थक भिड़ गए। लखीमपुर के पसगंवा ब्लॉक में सपा की महिला प्रत्याशी रितु सिंह के साथ अभद्रता की गई। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बीजेपी पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है।

बाराबंकी में 15 में दो पर बीजेपी, एक पर सपा कैंडिडेट निर्विरोध

बाराबंकी में ब्लॉक प्रमुख (UP Block Pramukh Chunav) के 15 पदों पर गुरुवार को काफी गहमागहमी के बीच नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इसमें बीजेपी ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए दो ब्लॉकों हरख व पूरेडलई में अपने कैंडिडेट को निर्विरोध जीताने में सफल रही।सपा ने भी दमखम दिखाते हुए बंकी ब्लॉक पर अपना कब्जा जमा लिया।

सूरतगंज में सपा का प्रत्याशी ही लापता हो गया।सपा ने उसको अज्ञात स्थान पर रखने का प्रशासन पर आरोप लगाए।अंतिम समय में दूसरा प्रत्याशी लाकर सपा ने नामांकन कराया। त्रिवेदीगंज व फतेहपुर में भाजपा के ही दो दावेदार ही आमने सामने आ गए है।अन्य स्थानों पर सीधे मुकाबले के हालात बने है।

मंत्रियों, नेताओं के परिवार का जलवा

अधिकांश सीटों पर मंत्रियों, विधायकों व दलों के बड़े पदाधिकारियों के परिवारीजनों का ही दबदबा दिखा। प्रतापगढ़ जिले से कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह के बेटे व भतीजे का निर्विरोध निर्वाचन तय है। बहराइच में कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा और योगी सरकार में मंत्री रहीं अनुपमा जायसवाल के बेटे के निर्विरोध जीतने का रास्ता साफ हो गया है।

सैफई ब्लॉक में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू व सांसद तेज प्रताप यादव की मां मृदुला यादव के खिलाफ किसी ने पर्चा नहीं भरा। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बेटों व स्वामी प्रसाद मौर्य की बहू का भी ब्लॉक प्रमुख बनना तय है।

लखनऊ में 8 पदों पर 19 प्रत्याशी

बीकेटी, चिनहट, गोसाईंगंज, मलिहाबाद, काकोरी, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर व चिनहट के 8 ब्लॉक प्रमुख पदों पर 20 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। बीकेटी से एक पर्चा खारिज होने के बाद 19 उम्मीदवार बचे हैं। शुक्रवार को नाम वापस लिया जा सकेगा।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : एडीजी

एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि जहां भी बवाल और हिंसा के मामले सामने आए हैं, वहां आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मतदान के लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। चुनाव बाद के भी विवादों पर नजर रखी जाएगी। निर्वाचन अवधि के दौरान शस्त्र प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। नामांकन कक्ष के सौ मीटर की परिधि में सुरक्षा घेरा रहेगा। चेकिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश मिलेगा।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा,’बीजेपी ने कानून-व्यवस्था को बंधक बना लिया है। नामांकन के दौरान बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं की अराजकता, हिंसा लोकतंत्र का उपहास है। प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।’

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पलटवार करते हुए, ‘सपा के लोगों की कार्यसंस्कृति, सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रदेश में निष्पक्ष तरीके से चुनाव हो रहे हैं तो धनबल और बाहुबल के सहारे जीतने वालों में बौखलाहट है।’

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