उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर लगाई रोक, हरिद्वार आए कांवड़िए तो दर्ज होगी FIR

 
उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर लगाई रोक, हरिद्वार आए कांवड़िए तो दर्ज होगी FIR

NewzBox Desk: Sawan Kanwar Yatra 2021: उत्तराखंड सरकार (Uttrakhand Govt) ने कांवड़ यात्रा (Kanwar yatra) को लेकर चल रहा असमंजस दूर कर दिया है। 

सरकार (Uttrakhand Govt) ने प्रदेश में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरियंट (Corona Delta Variant) की पुष्टि होने और संक्रमण की तीसरी लहर (Corona Third Wave) की आशंका के मद्देनजर कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2021) को स्थगित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि हरिद्वार (Haridwar) को कोरोना महामारी का केंद्र नहीं बनाया जा सकता। आमजन का जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश सरकार (Uttrakhand Govt) ने कोरोना महामारी के मद्देनजर कांवड़ यात्रा (Kanwar yatra) पर रोक लगाने का निर्णय 30 जून को ले लिया था। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए थे। यात्रा पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों से वार्ता भी हुई। इसके बाद प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन हो गया। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू करने की बात कही। कांवड़ यात्रा में कई राज्यों से श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार आते हैं, इसलिए प्रदेश सरकार के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) से बात भी हुई। तब मुख्यमंत्री धामी ने कहा था कि कावंड यात्रा को लेकर जो भी निर्णय होगा, वह आपसी बातचीत के बाद ही होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) व गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा की। इधर, प्रदेश की जनता भी कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के भय के कारण कांवड़ यात्रा के पक्ष में नहीं थी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा शुरू न कराने का अनुरोध किया था।

वहीं, कोरोना संक्रमण को देखते हुए रद्द की गई कांवड़ यात्रा में कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद भी अगर कोई कांवड़ लेने आता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एसएसपी सेंथिल अवूदई ने निर्देश दिए कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण (तीसरी लहर) से आम जनता की जान की सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कांवड़ मेला रद्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि कांवड मेले में देश के कोने-कोने से शिव भक्तों का हरिद्वार आवागमन रहता है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोका जा सके।

इसके लिए बॉर्डर पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। एसपी क्राइम, एसपी ग्रामीण और एसपी सिटी को निर्देशित किया कि वे समय से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों से बॉर्डर मीटिंग आयोजित करते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान करें। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई के बाद पार्किंग स्थलों का समय से चयन किया जाए।

इसके साथ ही वहां पर भी पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किए जाएं। उधर, बताया जा रहा है कि 24 जुलाई से कांवड़ यात्रा को लेकर बॉर्डर सील कर दिए जाएंगे। हालांकि एसएसपी का कहना है कि अभी जिलाधिकारी से बॉर्डर सील करने को लेकर वार्ता की जाएगी। जैसे ही जिलाधिकारी बॉर्डर सील करने के आदेश जारी करेंगे।

22 से बंद होंगे जिले के बॉर्डर, तैनात होंगे अधिकारी

कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्थगित की गई कांवड़ यात्रा में कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई। 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिले क बॉर्डर सील कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही बॉर्डर पर अनुभवी अफसरों की तैनाती की जाएगी। एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों, इंस्पेक्टरों और थाना प्रभारियों के साथ बैठक करते हुए ये दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोका जा सके। इसके लिए बॉर्डर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने एसपी क्राइम, एसपी ग्रामीण और एसपी सिटी को निर्देशित किया कि वे समय से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों से बॉर्डर मीटिंग आयोजित करते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान करें।

साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई के बाद पार्किंग स्थलों का समय से चयन किया जाए। इसके साथ ही वहां पर भी पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त किया जाए। 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा को लेकर बॉर्डर पर पुलिस सख्ती कर देगी। वहीं बॉर्डर पर अनुभवी अफसरों को भी तैनात किया जाएगा।

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