अगर चीनी सरकार इस डॉक्टर की बात मान लेती तो आज दुनिया के लिए खतरा न बनता कोरोना वायरस

Li Wenliang
New Delhi: चीन समेत पूरे विश्व के चिंता का कारण बने कोरोना वायरस (Coronavirus) को अभी तक रोका नहीं जा सका है। चीन के वुहान शहर से पैदा हुआ यह वायरस अब तक दुनिया के 25 देशों में फैल चुका है।

अमेरिका, भारत और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान की गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चीन के एक डॉक्टर ने इस वायरस (Coronavirus) के महामारी बनने से पहले ही इसकी भविष्यवाणी कर दी थी। जी हां, चीन के डॉक्टर ली वेनलियानग (Li Wenliang) ने 305 लोगों की मौत होने से पहले ही इस वायरस की चेतावनी दे दी थी।

चीन सरकार ने की महामारी पर पर्दा डालने की कोशिश

मालूम हो कि चीन में लोकतंत्र नहीं है और वहां बड़ी ही आसानी से किसी खबर को फैलने से दबा दिया जाता है। ऐसा ही कुछ कोरोना वायरस को लेकर हुआ जब दुनिया से पहले चीन सरकार को इसका पता लगा। कोरोना वायरस की भविष्यवाणी करने वाले डॉक्टर ली वेनलियानग को भी इसिलिए आधी रात उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, डॉक्टर ली ने एक मैसेज जारी कर अपने सहकर्मियों को इस वायरस को लेकर चेतावनी दी थी।

वुहान के डॉक्टर ने की थी भविष्यवाणी

डॉक्टर ली वेनलियानग चीन के वुहान शहर में ही एक अस्पताल में काम करता थे। एक दिन उन्होंने मेडिकल छात्रों के एक सोशल मीडिया ग्रुप चैट में एक संदेश भेजा। इस मैसेज में उन्होंने कोरोना वायरस जैसे महामारी का जिक्र किया था वह भी उस समय जब इससे सिर्फ सात लोग ही संक्रमित हुए थे। उसी ग्रुप के एक सदस्य के पूछने पर कि यह कितना खतरनाक है? इससे पहले ही डॉक्टर ली ने बताया दिया था कि कोरोनो वायरस सार्स महामारी जितना खतरनाक हो सकता है जिसने चीन में 800 लोगों की जान ली थी।

भविष्यवाणी के बाद डॉक्टर को किया गिरफ्तार

डॉक्टर ली वेनलियानग के इस भविष्यवाणी के तीन दिन बाद ही चीन की पुलिस ने उन्हें उनके घर से आधी रात गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद डॉ ली जबरन लिखवाया गया की उनके द्वारा दी गई चेतावनी ‘गैरकानूनी व्यवहार’ के दायरे में आती है। यह बीमारी एसएआरएस बल्कि उसी से मिलता जुलता कोरोना वायरस है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कोरोनो वायरस के प्रकोप की खबरों को दबाने की कोशिश के लिए चीनी सरकार की काफी आलोचना की गई।

सार्स महामारी से ज्यादा खतरनाक कोरोना वायरस

बता दें कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या साल 2003 में सार्स महामारी में मरने वालो की संख्या से आगे निकल गई है। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैला है। अकेली चीन में ही करीब 14 हजार से जादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। भारत के केरल में भी तीन मामलों की पुष्टी की गई है वहीं, अमेरिका में भी कोरोना से संक्रमित 11 मामले सामने आए हैं। संक्रमित लोगों को इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है।