एक किसान का बेटा कैसे बना IPS अफसर, बेहद प्रेरणादायक है IPS शिवदीप लांडे की कहानी

ये कहानी है बिहार कैडर के IPS अधिकारी शिवदीप लांडे की जिन्हें उनकी छवि के कारण ‘दबंग’, ‘सिंघम’ और ‘रॉबिन हुड’ जैसे नाम दिए जा चुके हैं। वर्तमान में शिवदीप लांडे मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल क्राइम ब्रांच में बतौर डीसीपी तैनात हैं।

 
एक किसान का बेटा कैसे बना IPS अफसर, बेहद प्रेरणादायक है IPS शिवदीप लांडे की कहानी

New Delhi: आज के समय में ज्यादातर युवा अच्छी नौकरी और आराम की जिंदगी चाहते हैं, वहीं कुछ ऐसे युवा भी हैं जो अपने काम से समाज में मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसे ही युवाओं को सलाम करते हुए हम आप तक लेकर आ रहे हैं ऐसे जांबाज अफसरों की कहानी, जो कुछ कर दिखाने का जज्बा और काम के प्रति जुनून दर्शाता है…

ये कहानी है बिहार कैडर के IPS अधिकारी शिवदीप लांडे की जिन्हें उनकी छवि के कारण ‘दबंग’, ‘सिंघम’ और ‘रॉबिन हुड’ जैसे नाम दिए जा चुके हैं। वर्तमान में शिवदीप लांडे मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल क्राइम ब्रांच में बतौर डीसीपी तैनात हैं।

2006 बैच के IAS अधिकारी शिवदीप इससे पहले बिहार में पटना, पूर्णिया, मुंगेर और अररिया में तैनात रह चुके हैं। वैसे तो शिवदीप महाराष्ट्र के अकोला जिले से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन ज्यादातर उनकी तैनाती बिहार में रही।

कर चुके हैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई

एक किसान परिवार में जन्में शिवदीप लांडे दो भाईयों में से सबसे बड़े हैं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की। इसके बाद उन्होंने मुंबई में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारियां शुरू की। परीक्षा के दौरान ही उनकी नौकरी राजस्व विभाग में लगी, लेकिन उनका चयन सिविल सर्विस में हो गया।

नक्सल प्रभावित इलाके में हुई पहली पोस्टिंग

IPS के रूप में शिवदीप लांडे की पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले में एक नक्सल प्रभावित इलाके में हुई। इसके बाद पटना में अपने कार्यकाल के दौरान शिवदीप ने अपने काम से वहां के लोगों का ही नहीं बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया।

हालांकि, शिवदीप लांडे के कारनामे से अप’राधियों को परेशानी होने लगी। उनका कई बार ट्रांसफर भी हुआ, लेकिन शिवदीप ने अपनी कार्यशैली को नहीं बदला। वह दबंग अंदाज में अप’राधियों और कानून तोड़ने वालों की क्लास लगाते थे।

मनचलों को लाइन पर लाए

IPS अफसर शिवदीप लांडे की पोस्टिंग जब पटना में थी, तब उन्होंने मनचलों को खूब सबक सिखाया। कहते हैं कि शिवदीप ने अपना नंबर सार्वजनिक कर रखा था। खासतौर पर छात्राओं के मोबाइल में उनका नंबर जरुर होता था। एक बार पटना में शहर के बीचो-बीच तीन श’राबी एक लड़की को छेड़ रहे थे। उसने शिवदीप को फोन किया. उन्होंने लड़की को बचाकर मनचलों को गिरफ्तार कर लिया।

कुछ समय बाद शिवदीप का ट्रांसफर पटना से अररिया हो गया। लेकिन, लोगों में उनके प्रति दीवानगी कम नहीं हुई। उनके फोन पर कई लड़कियों के फोन और एसएमएस आते थे। शिवदीप ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘लोग आज भी मुझ पर भरोसा करते हैं, इसलिए अभी तक मुझे फोन और SMS आते हैं।

विनम्र स्वभाव के हैं IPS शिवदीप

मीडिया ने शिवदीप लांडे को भले ही ‘दबंग’ अफसर की छवि दी है, लेकिन वह दबंग नहीं हैं। शिवदीप ड्यूटी पर जितने सख्त हैं, उससे कई ज्यादा विनम्र हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अपनी सैलरी का 60 प्रतिशत हिस्सा वह एक एनजीओ को दान करते हैं।

सामाजिक कार्यों में भी शिवदीप लांडे सबसे आगे रहते हैं। अब तक वह कई गरीब लड़कियों की सामूहिक शादी करवा चुके हैं। लड़कियों की सुरक्षा के मामले में वह सबसे आगे रहते हैं।

खनन माफियाओं में रहता है खौ’फ

रोहतास में पोस्टिंग के दौरान शिवदीप लांडे का खौ’फ खनन माफियाओं में फैल गया था। दरअसल, एक शिकायत के बाद शिवदीप खुद जेसीबी चलाते हुए पहुंचे और अवैध स्टोन क्रशरों को नष्ट करना शुरू कर दिया।

IPS शिवदीप के इस कारनामे से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। कुछ ही दिनों बाद उनका ट्रांसफर हो गया, लेकिन आज भी वह उसी अंदाज में काम करते हैं।

मंत्री की बेटी से हुई शादी

पर्सनल लाइफ की बात करें तो शिवदीप का विवाह महाराष्ट्र सरकार के मंत्री रह चुके विजय शिवतारे की बेटी ममता से 2014 में हुआ। एक दोस्त के घर में पार्टी के दौरान शिवदीप और ममता पहली बार मिले। धीरे-धीरे दोनों करीब आए और 2 फरवरी 2014 को दोनों ने शादी कर ली। शिवदीप और ममता की एक बेटी है।

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