नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी खबर, 1 अप्रैल से 12 घंटे करनी होगी ड्यूट... मिलेंगे ये फायदे

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से नौकरीपेशा  (New working Rules in India) लोगों के पीएफ में जहां इजाफा हो सकता है, वहीं उनकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है। इसके अलावा कंपनियों की बैलेंस शीट में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 
नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी खबर, 1 अप्रैल से 12 घंटे करनी होगी ड्यूट... मिलेंगे ये फायदे

New Delhi। भारत में जल्द ही केंद्र सरकार नौकरीपेशा (New working Rules in India) लोगों के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि सरकार का ये प्लान इसी साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। इस प्लान के तहत नौकरीपेशा लोगों की ग्रेच्युटी, पीएफ और काम करने के घंटों में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। 

माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से नौकरीपेशा  (New working Rules in India) लोगों के पीएफ में जहां इजाफा हो सकता है, वहीं उनकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है। इसके अलावा कंपनियों की बैलेंस शीट में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

क्यों हो रहा बदलाव?

दरअसल, पिछले साल संसद में पास किए गए तीन मजदूरी संहिता विधेयक (कोड ऑन वेजेज बिल) की वजह से ये बदलाव हो सकते हैं। इन विधेयकों  (New working Rules in India) के इस साल 1 अप्रैल से लागू होने की संभावना है। 

क्या-क्या हो सकते हैं बदलाव 

  • बदल जाएगी सैलरी: सरकार के प्लान के मुताबिक, 1 अप्रैल से मूल वेतन (सरकारी नौकरियों में मूल वेतन और महंगाई भत्ता) कुल सैलरी का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से नियोक्ता और श्रमिक दोनों को फायदा होगा।
  • बढ़ सकता है पीएफ: नए नियमों  (New working Rules in India) के मुताबिक, आपके पीएफ में इजाफा किया जा सकता है। इसकी वजह से आपकी इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी। बता दें मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। इस बदलाव के बाद ज्यादातर लोगों का सैलरी स्ट्रक्चर चेंज हो सकता है। 
  • 12 घंटे करना होगा काम: नए नियमों  (New working Rules in India) के तहत अधिकतम काम करने के घंटों को बढ़ाकर 12 करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा 15 से 30 मिनट तक एक्सट्रा काम करने को भी ओवरटाइम में शामिल किया जाने का प्रावधान है। मौजूदा समय में अगर आप 30 मिनट से कम समय के लिए एक्सट्रा काम करते हैं तो उसको ओवरटाइम में नहीं गिना जाता है।
  • 5 घंटे काम करने के बाद आधे घंटे का ब्रेक : नियमों के मुताबिक 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम करने पर प्रतिबंध किया जाएगा। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों को 5 घंटे काम करने के बाद आधे घंटे का ब्रेक दिया जाना चाहिए।
  • बढ़ेगी रिटायरमेंट की राशि : पीएफ का अमाउंट बढ़ने से रिटायरमेंट की राशि में भी इजाफा होगा। रिटायरमेंट के बाद लोगों को इस राशि से काफी मदद मिलेगी। पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ने से कंपनियों की लागत में भी वृद्धि होगी क्योंकि उन्हें भी कर्मचारियों के लिए पीएफ में ज्यादा योगदान देना पड़ेगा।

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