इन बैंकों में हैं आपकी भी अकाउंट तो हो जाएं सावधान, 1 अप्रैल से नहीं चलेंगी पुरानी चेकबुक-पासबुक

1 अप्रैल 2021 से कुछ बैंकों के चेकबुक और पासबुक इनवैलिड होने जा रहे हैं। ये वे बैंक हैं, जिनका अन्य बैंकों में विलय 1 अप्रैल 2019 और 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हुआ है।
 
इन बैंकों में हैं आपकी भी अकाउंट तो हो जाएं सावधान, 1 अप्रैल से नहीं चलेंगी पुरानी चेकबुक-पासबुक
New Delhi: देश में 1 अप्रैल 2021 से कुछ बैंकों के चेकबुक और पासबुक इनवैलिड (Discontinuation of Cheque & Passbook) होने जा रहे हैं। ये वे बैंक हैं, जिनका अन्य बैंकों में विलय 1 अप्रैल 2019 और 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हुआ है। इन बैंकों के नाम देना बैंक, विजया बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, आंध्रा बैंक, ओरिएंटल बैंक आॅफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक और इलाहाबाद बैंक हैं।
​किस बैंक का किसमें हुआ है विलय

देना और विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हुआ था और यह 1 अप्रैल 2019 से प्रभाव में आया। वहीं ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में, सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक व कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हुआ।

​PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा पहले ही कर चुके हैं अलर्ट

अन्य बैंकों में मर्ज हो चुके बैंकों के ग्राहकों की खाता संख्या, IFSC, MICR कोड, ब्रांच एड्रेस, चेकबुक, पासबुक आदि बदलते हैं। पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा पहले ही कह चुके हैं कि OBC, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, विजया बैंक और देना बैंक की मौजूदा चेकबुक केवल 31 मार्च 2021 तक मान्य रहेंगी। इसी तरह मर्ज हो चुके अन्य बैंकों के ग्राहक भी मौजूद चेकबुक, पासबुक से केवल 31 मार्च तक ही काम चला सकेंगे। 1 अप्रैल से नए चेकबुक, पासबुक मान्य होंगे।

​सिंडीकेट बैंक ग्राहकों के लिए फिलहाल राहत

सिंडीकेट बैंक के मामले में केनरा बैंक कह चुका है कि सिंडीकेट बैंक की मौजूदा चेकबुक्स 30 जून 2021 तक मान्य रहेंगी। अगर आप मर्ज हो चुके बैंकों के ग्राहक हैं तो मोबाइल नंबर, पता, नॉमिनी आदि जैसी डिटेल्स भी अपडेट करा लें ताकि आगे चलकर परेशानी न हो और आपको जरूरी सूचना एसएमएस या ईमेल के जरिए मिलती रहे।

​यह काम भी करना जरूरी

नई चेकबुक, पासबुक मिलने के बाद विभिन्न फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में दर्ज अपनी बैंकिंग डिटेल्स को भी अपडेट करना न भूलें। जैसे कि म्यूचुअल फंड्स, ट्रेडिंग अकाउंट्स, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, इनकम टैक्स अकाउंट, एफडी/आरडी, पीएफ अकाउंट और ऐसी कई अन्य जगह, जहां बैंक अकाउंट को अपडेट करना जरूरी है।

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