भगवा रंग ने कर दिया सबको कंफ्यूज! साल भर से पूरा गांव कर रहे था शौचालय की पूजा

Mistook Saffron Colour Toilet as Temple
New Delhi: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। दरअसल क्षेत्र के लोग केसरिया रंग में रंगे जिस भवन के दरवाजे के बाहर पूजा करते थे, वह भवन मंदिर के बजाय एक शौचालय (Mistook Saffron Colour Toilet as Temple) निकला।

हमीरपुर जिले के मौदहा के निवासी एक वर्ष से भी ज्यादा समय से भवन के बंद दरवाजे के बाहर (Mistook Saffron Colour Toilet as Temple) पूजा-अर्चना करते थे। आश्यचर्यजनक बात तो यह है कि किसी को यह भी जानकारी नहीं थी कि भवन के अंदर कोई देवता स्थापित है भी या नहीं।

एक स्थानीय निवासी राकेश चंदेल ने बताया, ‘यह भवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में स्थित है, उस पर इसे केसरिया रंग में रंगने के साथ ही इसे मंदिर के आकार का बनाया गया था। इस वजह से लोग इसे मंदिर मानते थे और किसी ने भी इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता नहीं समझी। अभी हाल ही में हमें एक अधिकारी ने बताया कि वह भवन वास्तव में एक शौचालय है।’

भवन का भगवा रंग भ्रम का कारण बना

उन्होंने बताया कि भवन का भगवा रंग ही भ्रम (Mistook Saffron Colour Toilet as Temple) का कारण बना। अब उस भवन को गुलाबी रंग में रंग दिया गया है। वहीं रिपोर्टों के अनुसार, शौचालय का उद्घाटन हुए एक साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन उस पर ताला लगा रहा। मौदहा नगर पंचायत के अध्यक्ष राम किशोर ने कहा, ‘यह सार्वजनिक शौचालय करीब एक साल पहले नगर पालिका परिषद ने बनवाया था और ठेकेदार ने इसे भगवा रंग में रंग दिया था। भगवा रंग ने ही लोगों के बीच इसे मंदिर समझने का भ्रम पैदा किया।’

शौचालय की शुरुआत अब भी नहीं हुई

बहरहाल, भवन का रंग बदल चुका है, लेकिन शौचालय की शुरुआत अब भी नहीं हुई है और अधिकारी इसे लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सरकार द्वारा स्वच्छ भारत योजना के तहत बनाए गए शौचालयों को केसरिया रंग में रंगा गया है।