Ratan Tata ने शुरू किया नया Mission, दिल छू लेने वाला Video शेयर कर बोले ‘देश हम सबको चलाना है’

Ratan Tata
New Delhi: रतन टाटा (Ratan Tata) ने इंस्टाग्राम पर दिल को छू लेने वाले इस वीडियो को शेयर किया है। ये वीडियो टाटा ट्रस्ट्स की पहल ‘मिशन गरिमा’ (Mission Garima) का हिस्सा है।

टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के चेयरमैन रतन टाटा ने 2 मिनट के इस वीडियो (Mission Garima) को इंस्टाग्राम पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा, ”मिशन गरिमा, हमारे बहादुर सफाई कार्यकर्ताओं के लिए।” इस विज्ञापन के शेयर होने के बाद ट्विटर पर #TwoBinsLifeWins हैशटैग वायरल हो रहा है।

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In Mumbai, a city of 23 million, only 50,000 individuals are employed as sanitation workers. They are working in difficult conditions every single day to tackle the enormous amount of waste that Mumbai generates. As a @tata_trusts initiative, Mission Garima is working to provide safe, hygienic and humane working conditions for sanitation workers who are severely affected doing the unimaginable for the city so that we may find it clean! #TwoBinsLifeWins is a campaign urging citizens to segregate their biodegradable and non-biodegradable waste to help reduce the burden on these hardworking men and women. The links below will help you dispose of your waste responsibly and support our initiative. After all, this country is run by each one of us. https://www.tatatrusts.org/ #TwoBinsLifeWins

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विज्ञापन एक स्कूली छात्र के साथ शुरू होता है, जो एक प्रतियोगिता के दौरान अपने सहपाठियों और उनके माता-पिता को संबोधित करता है। वो कहता है, ‘मेरा बाबा देश चलाता है।’ जैसे ही उसने ऐसा कहा तो लोग समझ नहीं पाए, जिसके बाद बच्चा कहता है कि उसके पिता राजनेता, डॉक्टर, पुलिस या फिर आर्मी के जवान नहीं हैं। अगर नहीं जाएगा मेरा बाबा काम पर तो रुक जाएगा इंडिया का हर घर।” फिर कहता है कि उसके पिता वो काम करते हैं जो कोई पिता नहीं करना चाहेगा।

फिर ऐड में दिखाया जाता है कि सफाई कर्मचारी नाले में घुसता है। स्कूली छात्र कहता है देश के लोग सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं करते, इसलिए मेरे बाबा को गटर में उतरना पड़ता है और खुद को जोखिम में डालना पड़ता है। वो कहता है, ”कभी-कभी लगता है मेरा बाबा बीमारी से हार जाएगा। कभी-कभी लगता है मेरा बाबा घर लौटकर नहीं आएगा। मेरे बाबा को बचाओ। इस देश को मेरे बाबा से मत चलवाओ।”

रतन टाटा (Ratan Tata) ने कैप्शन में लिखा, ”23 मिलियन निवासियों के शहर, मुंबई में स्वच्छता कर्मियों के रूप में केवल 50,000 व्यक्ति कार्यरत हैं और वे हर दिन कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। मिशन गरिमा उन सफाई कर्मचारियों के लिए काम कर रही है। जो शहर में अकल्पनीय काम कर रहे हैं। ताकी हम सफाई से रह सकें।” अपने पोस्ट में, उन्होंने पाठकों से स्वच्छता कर्मियों पर बोझ को कम करने के लिए उनके बायोडिग्रेडेबल और गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को अलग करने का भी आग्रह किया। आखिर में वो लिखते हैं, ”आखिरकार, यह देश हम में से हर एक व्यक्ति द्वारा चलाया जाता है।”

सोशल मीडिया पर रतन टाटा की इस पहल को खूब सराहा जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, ”दिल को छू लेने वाला संदेश।।। हम सभी को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति थोड़ा और जागरूक होने की जरूरत है।” वहीं अन्य यूजर ने लिखा, ”एक अद्भुत पहल, इस वीडियो को जरूर देखना चाहिए।”

दिसंबर में, शिवसेना ने मुंबई में सेप्टिक टैंक में सफाई कर्मचारियों की मौत पर चिंता व्यक्त की थी, घटना में तीन सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई थी।