जब सड़क का जायजा लेने के लिए महिला IAS ने ड्राइविंग सीट पर बैठ दौड़ा दी वॉल्वो बस

Woman IAS Officer Drive Bus
New Delhi: बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपॉर्ट कॉर्पोरेशन (बीएमटीसी) की एमडी और महिला आईएएस अफसर सी शिखा ने मंगलवार को वॉल्वो बस (Woman IAS Officer Drive Bus) चलाकर सबको चौंका दिया।

बस की ड्राइविंग सीट पर शिखा (Woman IAS Officer Drive Bus) बेहद ही प्रशिक्षित और जज्बे से भरपूर दिखीं। उनकी ड्राइविंग ने सभी कर्मचारियों को बेहद प्रभावित किया। सभी ने उनकी खूब सराहना की। हाल के दिनों में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी महिला आईएएस अफसर ने निरीक्षण के लिए खुद बस की ड्राइविंग की है।

कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ सी. शिखा यहां निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। उन्होंने टेस्ट ट्रैक पर खुद वॉल्वो दौड़ाई। पहले तो कर्मचारी थोड़े सकपकाए लेकिन जैसे ही उन्होंने देखा कि वह एक मंझे हुए ड्राइवर की तरह बस चला रही हैं, सभी ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इतना ही नहीं आईएएस के इस कदम ने कई लोगों को प्रेरित भी किया। इसमें खासकर कॉर्पोरेशन से जुड़ी अकेली महिला ड्राइवर प्रेमा रमप्पा भी शामिल रहीं। प्रेमा ने बाद में कहा भी कि वह मैडम से बेहद प्रेरित हुई हैं।

36 लाख यात्री लेते हैं बस की सेवा

बता दें कि बेंगलुरु में करीब 36 लाख यात्री रोज बस की सेवा लेते हैं। इसके लिए करीब 6400 बसें हैं जबकि 14 हजार ड्राइवर हैं। 2004 बैच की आईएएस शिखा को सितंबर 2019 में यहां एमडी का प्रभार सौंपा गया है। लगातार कई दुर्घटनाओं के बाद खुद शिखा ने निरीक्षण करने का निर्णय लिया और कर्मचारियों के सामने ही बस चलाकर उन्हें प्रेरित भी किया।

ड्राइवर्स से भी की बातचीत

इस दौरान उन्होंने ड्राइवर्स से उनकी दिक्कतों के बारे में जाना। साथ ही उन्होंने उनकी दिक्कतों को दूर करने का आश्वासन भी दिया। महिला अफसर ने कहा कि उन्हें मालूम है कि ड्राइवर्स कई स्तर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है बावजूद इसके यात्रियों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और इसे ईमानादारी से निभाना है।