सिद्धिविनायक में 14 करोड़ का सोना दान, जानें कब कब किस रईस ने बप्पा के चरणों में खोला खजाना

Siddhi Vinayak Mandir Donation
New Delhi: महाराष्ट्र में आस्था और भक्ति के लिए समर्पण का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। मुंबई स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhi Vinayak Mandir Donation) में एक श्रद्धालु ने तकरीबन 35 किलो वजन का सोना चढ़ाया है।

मंदिर ट्रस्ट के अनुसार सिद्धिविनायक मंदिर को हर साल करोड़ों का चढ़ावा (Siddhi Vinayak Mandir Donation) आता है। जिसकी वजह से यह देश के अमीर मंदिरों में से एक है । आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब सिद्धि विनायक के मंदिर में भक्त ने इतना महंगा दान किया है। इससे पहले भी सिद्धि विनायक को कीमती दान प्राप्त होते रहे हैं…

35 किलो सोने का दान

मुंबई स्थित देश के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक मंदिर के इतिहास में पहली बार 35 किलो सोने का दान मिला है जिसकी कीमत कुल 14 करोड़ आंकी जा रही है। इस सोने का प्रयोग मंदिर के गुंबद और दरवाजों पर किया जाएगा। 19 जनवरी को दिल्ली के रहने वाले श्रद्धालु ने अपना नाम गुप्त रखते हुए यह कीमती दान मंदिर को दिया है।

हर साल चढ़ता है 150 मिलियन तक का दान

इस दान की वजह से मंदिर को मिले दान का आंकड़ा 410 करोड़ हो गया है। जानकारी के अनुसार, यह मंदिर हर साल 100 मिलियन से 150 मिलियन धनराशि दान के रूप में प्राप्त करता है। इस मंदिर की देखरेख करने वाली संस्था मुंबई की सबसे अमीर ट्रस्ट है। इस भक्त द्वारा चढ़ाए गए दान के बाद मंदिर की आय में अच्छा खासा इजाफा हुआ है।

नोटंबदी के दौरान किया गुप्त दान

8 नवंबर को नोटबंदी के बाद अचानक से सिद्धि विनायक को चढाए जाने वाले दान में इजाफा हो गया। आमतौर पर हफ्ते में 35 से 40 लाख का चढावा इस मंदिर में चढाया जाता है जो बढ़कर 60 लाख हो गया। इसमें 27 लाख के पुराने 500 और 1000 के नोट शामिल थे।

9.81 लाख के सोने का किया गया दान

साल 2012 में सिद्धि विनायक मंदिर ट्रस्ट द्वार चढावे में चढाए गए सोने की निलामी की गई। इस मौके पर करीब 35.89 लाख के सोने के गहनों की निलामी की गई। मुंबई के एक बिजनसमैन प्रदीप भवानी ने 9.81 लाख के सोने के गहने खरीदे जिन्हें भवानी ने वापस ट्रस्ट को दान कर दिया ताकि उसकी फिर से निलामी करके ट्रस्ट और धन प्राप्त कर सके जिससे जनकल्याण के काम को बड़े पैमान पर किया जा सके।

हीरे से जड़ा फोन दान में दिया

साल 2008 में एक श्रद्धालु ने मंदिर में एक हीरों से जड़े फोन दान में दिया था। उस वक्त इस फोन की कीमत तीन लाख 33 हजार रुपए थी। जरूरतमंदों की मदद करने के लिए मंदिर ने इस फोन को निलाम किया था। तब एनसीपी नेता प्रताप सरनाइक ने नीलामी में 15,55,555 रुपए की बोली लगाकर हीरे का मोबाइल खरीदा था और अजित पवार को उनके जन्मदिन पर गिफ्ट में दिया था। बाद में पवार ने फिर से यह मोबाइल सिद्धिविनायक मंदिर को दोबारा दान में बोली लगाने के लिए दे दिया।

120 किलो चांदी दान में दी

जापान में आई सुनाई से पीड़ित भारतीयों की मदद के लिए मंदिर ने नीलामी करवाई थी। तब एक बिजनसमैन प्रदीप भगनानी ने नीलामी में 2.75 लाख रुपए का सोने का हार खरीदा था। बाद में भगनानी ने 120 किलो चांदी, पांच किलो सोना और नीलामी में खरीदा गया हार फिर से दान में दिया। उस वक्त इसकी पूरी कीमत 2.5 करोड़ रुपए थी।