16-17 जुलाई की रात को लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें क्या है इससे जुड़ी मान्यताएं

Chandra Grahan
New Delhi: साल 2019 में लगने वाले चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) में से एक 16 जुलाई को लग रहा है। चंद्रग्रहण 2019 यानी जुलाई 2019 चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का टाइम क्या होगा, सूतक कब लगेगा और इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में हम आपको बताते हैं।

सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) का चित्र या दृश्य देखना हर किसी के लिए कोतुहल का विषय होता है। इस साल जुलाई माह में लगाने वाला चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) 16 जुलाई को लग रहा है। यह चंद्रग्रहण 16/17 जुलाई की रात में 01:32 बजे से शुरू होकर 4:31 बजे तक रहेगा।

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अब आप सोच रहे होंगे कि चंद्रग्रहण 2019 (Chandra Grahan) में 16 जुलाई को लगने वाले इस ग्रहण का मध्य काल कब होगा, तो यह 3:08 बजे होगा। 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण पड़ रहा है। 16 जुलाई को पड़ने वाले इस चंद्रग्रहण के चलते बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट शाम चार बजे बाद से बंद हो जाएंगे। ये दौबारा 17 जुलाई की सुबह खुलेंगे।

साल 2019 का पहला चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को लगा था। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण था। इसे सुपर ब्लड मून का नाम दिया गया, क्योंकि इस दिन ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है। बताया जाता है कि इस अवधि के दौरान चंद्रमा धरती के काफी नजदीक होता है। इसके बाद पूर्ण चंद्र ग्रहण 29 मई 2021 में लगेगा

चंद्र ग्रहण 2019: सूतक का समय

शास्त्रों के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले लगता है। वहीं सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लगता है। इस नियम के अनुसार – चंद्र ग्रहण 2019 में सूतक शुरू होने का समय – 16 जुलाई को 4 बजकर 25 मिनट से सूतक शुरु होगा। चंद्र ग्रहण 2019 में सूतक समाप्त होने का समय – सूतक खत्म होने का समय रहेगा 17 जुलाई सुबह 4:40 मिनट।

कितने घंटे का होगा चंद्रग्रहण

चंदग्रहण 16 जुलाई को 1:32 मिनट पर शुरु होगा और सुबह 4:30 तक रहेगा। इस प्रकार ग्रहण का समय दो घंटे अठावन मिनट यानी तकरीबन तीन घंटे रहेगा।

कैसे होता है चंद्रग्रहण

पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है और अपने उपग्रह चंद्रमा को अपनी छाया से ढक लेती है। चंद्रमा इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है और पृथ्वी की प्रच्छाया उस पर पड़ने लगती है, जिससे उसका दिखना बंद हो जाता है। इसी खगोलीय घटना को चंद्रग्रहण कहा जाता है।

चंद्रग्रहण से जुड़ी मान्यताएं
  • माना जाता है कि चंद्रग्रहण के बाद किसी भी काम को करने से पहले नहा लेना चाहिए।
  • ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई की भी मान्यता है। इसमें मंदिर की सफाई खास महत्व रखती है।
  • हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। लोगों में यह मिथ है या कहें कि मान्यमा है कि इस दौरान खाना खाने वाला इंसान करने वाला नर्क में जाता है।
  • मान्यता है कि ग्रहण के दौरान अगर पानी पीने की जरूरत है तो उसमें या तो तिल डाल लें या फिर कुश, दूब या तुलसी के पत्ते जरूर डाल लें।
  • ज्यादातर हिंदू घरों में ग्रहण प्रारंभ होने से पहले खाने के सामान, पानी और अन्य भोज्य पदार्थों में दूब या तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से खाना अशुद्ध नहीं होता।
  • कहते हैं कि चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर पूर्व आहार नहीं लेना चाहिए
  • माना जाता है कि ग्रहण के बाद मूर्तियों और खुद को नहलाने के बाद पूरे घर में धूप-बत्ती कर शुद्धीकरण किया जाना चाहिए।
  • घर में या बाहर मौजूद तुलसी के पौधे को भी गंगाजल डालकर स्वच्छ करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान व ग्रहण के बाद खाने से जुड़ी मान्यताएं

इस दौरान हल्का सात्विक भोजन ले सकते हैं। जो पचने में आसान हो और पेट के लिए भी हल्के हों। इस दौरान खाने में आप मेवे ले सकते हैं। यह कम मात्रा में खाने पर भी शरीर को पूरी एनर्जी देंगे।

क्या ग्रहण के दौरान पानी पी सकते हैं?: इस दौरान पानी पीने से भी बचना चाहिए। क्योंकि न होने के चलते बैक्टिरीया एक्टिव होते हैं। अगर आप बीमार हैं या आप गर्भवती हैं तो आप हल्का गर्म पानी पी सकते हैं। इसमें 8-10 बूंदे तुलसी का जूस या पत्ते ड़ाल कर उबाल सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप सादा पानी नहीं पीना चाहते तो नारियल का पानी पी सकते हैं। सबसे बेहतर यह होगा कि आप ग्रहण से पहले ही अच्छी मात्रा में पानी पी लें।

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ग्रहण के दौरान क्या न खाएं: मान्यता के अनुसार इस दौरान नॉन-वेज आहार बिलकुल नहीं लेना चाहिए। इस दौरान एल्कॉहोल, खमीर और हाई प्रोटीन फूड भी नहीं लेना चाहिए। यह पचाने में बहुत ही मुश्किल होता है।

ग्रहण के बाद क्या करें: ग्रहण के बाद आप अपनी सामान्य डाइट पर आ सकते हैं। इसके बाद फल खाना अच्छा साबित होगा। यह इसलिए अच्छा होता है क्योंकि फलों में काफी मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करेंगे और एनर्जी बूस्ट होगी।

नोट: हमारा उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह लेख लोक मान्यताओं और पाठकों की रूचि के आधार पर लिखा गया है।