गुरु पूर्णिमा पर लग रहा चंद्र ग्रहण, जानें सूतक का समय, बरतें ये सावधानियां

chandra grahan 2019
New Delhi: गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2019) की रात को वर्ष का दूसरा ग्रहण (Grahan) दिखाई देगा। यह तीन घंटे तक दिखेगा। वर्ष 1870 में ऐसा दुर्लभ योग था, जो गुरु पूर्णिमा के दिन दिखेगा। चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) के चलते मंगलवार शाम साढ़े चार बजे से ही मंदिरों के पट खुल जाएंगे।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्र ग्रहण गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2019) के उत्तर आषाढ़ नक्षत्र में लगेगा। यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) कहा जा रहा है। चंद्र ग्रहण मंगलवार की रात 1.30 बजे से शुरू होगा। यह मध्य रात्रि 2.58 बजे तक दिखाई देगा। मोक्ष 4.30 बजे सुबह दिखाई देगा।

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ग्रहण के दोषकाल वाले समय को सूतक कहा जाता है। यह सूतक नौ घंटे पहले यानि 16 जुलाई को शाम साढ़े चार बजे से शुरू हो जाएंगे। सूतक लगने से मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे। 17 जुलाई को सुबह साढ़े चार बजे के बाद ही पट खुलेंगे। ग्रहण की अवधि तीन घंटे रहेगी।

चंद्र ग्रहण के समय बरतें ये सावधानी
  • चंद्र ग्रहण के समय अन्न जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।
  • घर में कोई लंबे समय से बीमार हो तो ग्रहण के बाद सात अनाज दान करें।
  • भगवान का भजन कीर्तन, मंत्र, जप, आरती करें।
  • ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़कें।
  • ग्रहण के समय सिलाई, कढ़ाई, भोजन पकाना, खाना आदि नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को कमरे से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

नोट: हमारा उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह लेख लोक मान्यताओं और पाठकों की रूचि के आधार पर लिखा गया है।