लोहार्गल मंदिर: सूर्यदेव का वो मंदिर, जहां मौजूद कुंड में स्नान करने से होता है रोगों का नाश

Lord Surya Temple Lohargal Temple
New Delhi: हिन्दू धर्म में सूर्यदेव (Lord Surya) को पंचदेवों में से प्रमुख देवता माना जाता है। रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन भगवान सूर्य की विशेष पूजा करने से भाग्य सूर्य के समान चमकने लगता है।

सूर्यदेव (Lord Surya) की उपासना करने से ज्ञान, सुख, स्वास्थ्य, पद, सफलता, प्रसिद्धि आदि प्राप्त होता है। यूं तो देशभर में भगवान सूर्य के कई मंदिर मौजूद हैं। लेकिन राजस्थान के झुंझुनूं जिले लोहागर्ल में सूर्यदेव का अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।

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लोक मान्यताओं के अनुसार, यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह स्थान सर्वदेव को भगवान विष्णु की तपस्या करने के बाद मिला था और वह यहां अपनी पत्नी के साथ विराजमान है। इसके अलावा एक मान्यता यह भी है कि महाभारत के युद्ध के पश्चात सभी पाण्डव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए यहां बने कुण्ड में आए थे।

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मान्यताओं के अलावा, यहां का माहौल आकर्षित करने वाला है। चारों तरफ पहाडियों से घिरा सूर्य कुण्ड पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। यहां सूर्य भगवान की पूजा के लिए हजारों भक्त आते हैं।

मान्यता है कि यहां बने कुण्ड में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और त्वाचा के रोग भी ठीक हो जाते हैं। इसलिए इस सर्दी आप भी इस मंदिर में दर्शन कर अपने पापों से मुक्ति पा सकते हो।