Chandra Grahan Rashifal: चंद घंटों बाद लगेगा साल का पहला चंद्रग्रहण, ये होंगे राशियों पर प्रभाव

Chandra Grahan Rashifal
New Delhi: साल 2020 का पहला चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2020) 10 जनवरी को लगने जा रहा है। यूं तो यह उपछाया चंद्रग्रहण है जिसका बहुत प्रभाव नहीं होता है क्योंकि इसमें चंद्रमा की काला छाया पृथ्वी पर नहीं पड़ती है। फिर भी मिथुन राशि (Chandra Grahan Rashifal) में चंद्रमा मालिन्यमय होगा इसलिए मिथुन राशि के लोगों पर इसका आंशिक असर हो सकता है।

इसकी एक वजह (Chandra Grahan Rashifal) यह भी है कि चंद्रमा के साथ राहु की उपस्थिति से ग्रहण (Chandra Grahan 2020) योग बन रहा है। इस योग से मिथुन राशि के अलावा अन्य राशियो के लोगों पर भी आंशिक असर हो सकता है। राशियों के अलावा इस ग्रहण का और क्या प्रभाव होगा जानिए सद्गुरु स्वामी आनंदजी से….

चंद्र ग्रहण का विचित्र प्रभाव

यह चंद्र ग्रहण मिथुन राशि के पुनर्वसु नक्षत्र में घटित होगा। धनु राशि में इस राशि के स्वामी बृहस्पति के साथ सूर्य, बुध, केतु और शनि ये पांच ग्रह एकत्र होकर राहु की सीधी दृष्टि से ग्रसित होंगे। मंगल अपनी राशि वृश्चिक व शुक्र कुंभ राशि में गतिशील रहेंगे। उपछाया ग्रहण में ग्रहों की इस स्थिति का मानव सभ्यता पर विचित्र प्रभाव पड़ेगा। बड़े राष्ट्र और राष्ट्राध्यक्षों के मानसिक तनाव में वृद्धि होगी। उनकी झड़प का असर अर्थव्यवस्था पर दृष्टिगोचर होगा। तेल, सोने और चांदी के भाव के उतार-चढ़ाव होंगे। इनका कारोबार अस्थिर भावों के कारण प्रभावित होगा।

शेयर बाजार में सांप-सीढ़ी का खेल

मंगल की दृष्टि शुक्र, चन्द्रमा और राहू पर होगी। बड़े और सुविधा संपन्न, कारोबारी, कलाकार व सिनेमा जगत के लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी दृष्टि के कारण किसी बड़ी फिल्म पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। मानसिक तनाव में वृद्धि के संकेत हैं। किसी धाकड़ और धूर्त राजनीतिज्ञ की योजना या राजनैतिक चाल विफल होगी। राजाओं और मंत्रियों की मानसिक क्षमताओं और दूरदर्शिता में सहसा कमी दृष्टिगोचर होगी। शनि की भी शुक्र, राहू व चन्द्रमा पर दृष्टि के कारण किसी नामचीन व्यक्ति, उद्योगपति, कलाकार या साहित्यकार की सेहत अचानक बिगड़ेगी। प्रकृति का कोप बेचैन करेगा। शेयर व मुद्रा बाज़ार सांप-सीढ़ी का खेल खेलेगा।

मेष राशि चंद्रग्रहण

यह समय आपके लिए शुभ है। अच्छी खबर आएगी और कामयाबी मिलेगी। ताम्रपाद तीसरा राहु और नवां केतु जेब को गर्मी और कलेजे को ठंडक देता है। ताम्रपाद का नवम गुरु सुख, सौभाग्य और समृद्धि कारक है। क्षणिक मानसिक कष्ट की आशंका है।

वृषभ राशि चंद्रग्रहण

समय विचित्र संयोग लेकर आ रहा है। कभी मुस्कुरा रहा है, कभी कसमसा रहा है। अष्टम शनि देह के निचले भाग में शारीरिक विकार देगा। रजत चरण का द्वितीय राहु और अष्टम केतु संघर्ष के बाद सफलता का आनंद देगा। लाभ का मार्ग का प्रशस्त होगा।

मिथुन राशि चंद्रग्रहण

यह ग्रहण मिथुन में ही घटित हो रहा है। लिहाजा चैन और बेचैनी दोनों आपको मिलेगी। अनावश्यक उलझनों व शारीरिक कष्ट हो सकता है। चांदी के पाए का सप्तम गुरु प्रतिष्ठा को धार देगा और व्यक्तित्व को विशाल बना कर जगत को चमत्कृत करेगा। लेकिन पीठ पीछे आलोचना और निंदा भी हो सकती है। अपनी भावुकता पर नियंत्रण जरूरी है।

कर्क राशि चंद्रग्रहण

यह समय अनुकूल है। त्वचा और सेक्स समस्याओं से उलझन हो सकती है। द्वादश राहु और षष्ठ केतु आनंद भी देगा और मन भी बेचैन हो सकता है। सुख पर व्यय होगा। लौहपाद का षष्ठ गुरु जीवन को पहले जलेबी जैसा उलझाएगा, फिर उसमें चासनी का मीठा सा तड़का लगाएगा।

सिंह राशि चंद्रग्रहण

ग्रहयोग बिना विशेषज्ञता या विशेषज्ञ के निवेश में जोखिम न लेने की ताकीद कर रहे हैं। जेब को गर्मी और कलेजे को ठंडक मिलेगी। स्वर्णपाद का एकादश राहु और पंचम केतु यशस्वी बनाएगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। ताम्रपाद का पंचम गुरु ऐश्वर्य, वैभव व धन संपत्ति में इजाफा करेगा।

कन्या राशि चंद्रग्रहण

कोई अच्छी खबर दिलखुश कर जाएगी। शारीरिक व्याधि से मुक्ति मिलेगी। ताम्र पाद का दसवां राहु और चौथा केतु थोड़ा परेशान कर सकता है। बेमतलब की चीजों में ना उलझें। करियर में परेशानी आ सकती है। वाद-विवाद से बचें। रजत पाद का यह चतुर्थ वृहस्पति वाहन और माता के प्रति सतर्क रहने की ताकीद कर रहा है।

तुला राशि चंद्रग्रहण

चैन और बेचैनी दोनों तारी रहेगी। ऐश्वर्य में इजाफा होगा। आने वाला वक्त जीवन की नाव को पतवार देगा, आपके करियर को नई धार देगा। रजत पाद का नौवां राहु और तीसरा केतु मानसिक तनाव का सबब बना सकता है। यह योग आस्था में दरार का पैदा करता है। स्वर्ण पाद का तीसरा गुरु करियर में अनावश्यक वाद-विवाद से बचने की चेतावनी दे रहा है।

वृश्चिक राशि चंद्रग्रहण

करियर को नया आसमान और कामयाबी को नई उड़ान मिलेगी। बौद्धिक क्षमता और श्रम से लाभ के नए गुल खिलेंगे। लौह पाद का आठवां राहु और दूसरा केतु झमेले के बाद आनन्द का कारक है। लौह पाद का द्वितीय गुरु जिंदगी के सफ़हे पर नए चित्र बनाएगा, करियर को चमकाएगा।

धनु राशि चंद्रग्रहण

समय आपको पहले तपाएगा है फिर सोने सा चमकाएगा। ह्रदय में शीतलता और जेब में गर्मी होगी। नये झमेले, मानसिक अंतर्द्वंद व नई चुनौतियां प्रस्तुत कर साम-दाम-दण्ड-भेद सिखाएंगे और कालांतर में तराश कर हीरा बनाएंगे। ताम्र चरण का सप्तम राहु और प्रथम केतु नादानी में रिश्तों को चोट पहुंचाता है। किसी की बात माने न माने, पर बहस न करें। वाद-विवाद और मुकदमे में शिकस्त का योग है।

मकर राशि चंद्रग्रहण

आने वाला वक्त इम्तिहान लेगा और तजुर्बे की अनूठी सौगात देगा। स्वर्ण पाद का छठा राहु और बारहवां केतु खुशहाल करेगा। जेब को गर्मी प्रदान कर निहाल करेगा। अनुभवों के सोपान से नवशिखर की आस जगेगी। ताम्र पाद का पंचम राहु और एकादश केतु जीवन के पन्ने पर नई रोशनी उगाएगा। आने वाला कल मुस्कुराएगा। उलझने कम होंगी। ताम्र पाद का द्वादश गुरु जिंदगी की कैनवास पर नई राहें गढ़ेगा। करीयर आकाश चढ़ेगा।

कुंभ राशि चंद्रग्रहण

वक्त नए झमेले का सूत्रपात करेगा पर अनुभवों की अनूठी सौगात देगा। रजत पाद का पंचम राहु और एकादश केतु से सुख भौतिक सुविधा में वृद्धि होगी। संतान की बेचैनी बढ़ सकती है। रजत पाद का एकादश गुरु प्रचंड लाभ देगा। लक्ष्य की प्राप्ति होगी। नए विचारों के पुष्प पल्लवित होंगे और विरोधी चारों खाने चित्त होंगे। एक अनजाना भय मन बेचैन कर सकता है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

मीन राशि चंद्रग्रहण

आने वाला समय जिंदगी में कई अवसर सामने लाएगा। करियर को आकाश मिलेगा। लाभ की संभावना है। किसी मित्र से तनाव मिल सकता है। लौह पाद का चतुर्थ राहु और दशम केतु अपनी चाबुक से जिंदगी के अदभुत सबक सिखाता है। रिश्तेदारों व किसी आध्यात्मिक व्यक्ति का कर्ज बोझ बन सकता है।